राजस्थान में इस बार मानसून राहत नहीं, बल्कि आफ़त लेकर आया है। कई जिलों में जहां बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं कोटा और बूंदी इलाके सबसे अधिक प्रभावित नज़र आ रहे हैं। तेज़ बारिश और नदी-नालों के उफान से ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी बीच प्रभावित इलाकों की हकीकत जानने और लोगों की समस्याएं सुनने के लिए क्षेत्रीय सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार को कोटा ज़िले के दिमोद-निमोदा हरजी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया। वहीं शनिवार को बूंदी ज़िले के केशवरायपाटन और कापरेन क्षेत्र के अतिवृष्टि इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
“कुदरत का कहर बरपा है” – ओम बिरला
प्रभावित इलाक़ों के दौरे के दौरान Times Now संवाददाता लखवीर सिंह शेखावत से विशेष बातचीत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस बार की बारिश राहत से ज्यादा आफ़त बनकर बरसी है। कुदरत का कहर आमजन पर टूटा है, जिससे जीवन और रोज़मर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
ओम बिरला ने बताया कि अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट ली जा रही है और सरकार प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि डबल इंजन की सरकार लोगों को आपदा के नियमों के मुताबिक मुआवजा देने की दिशा में तत्परता से काम कर रही है।
“आपदा से निपटने की तैयारियां”
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल राहत कार्यों में जुटे हैं। कई जगहों पर जलभराव के कारण सड़क संपर्क टूटा हुआ है, वहीं निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
“आमजन को दिलाया भरोसा”
दौरे के दौरान प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर ओम बिरला ने भरोसा दिलाया कि हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार हर कदम पर आमजन के साथ खड़ी है।
“आगे की राह”
राजस्थान में बारिश के चलते बने हालातों पर सरकार की निगरानी लगातार बनी हुई है। लोकसभा अध्यक्ष के दौरे के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि जल्द ही प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
