राजस्थान में आज का मौसम (27 Mar 2026): राजस्थान के कई हिस्सों में गुरुवार की शुरुआत तो तेज धूप के साथ हुई, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान का रंग बदल गया। बीकानेर, जोधपुर और जयपुर संभाग के आसपास अचानक काले बादल छा गए और धूलभरी तेज हवाओं ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। जहां कोटा में पारा 38.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचकर लोगों को झुलसा रहा था, वहीं बीकानेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में हुई हल्की बारिश ने तपिश से बड़ी राहत दिलाई। माउंट आबू में भी न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे हिल स्टेशन पर सैलानियों को सुहावने मौसम का अहसास हुआ।
राजस्थान में आंधी-बारिश की बड़ी चेतावनी
कल से शुरू होगा मौसम का असली 'तांडव'
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, असली बदलाव शनिवार यानी 28 मार्च से देखने को मिलेगा, जब एक बेहद 'स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम' पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा। इस तंत्र का सबसे व्यापक असर 29 और 30 मार्च को देखने को मिलेगा, जब जोधपुर, बीकानेर, अजमेर और उदयपुर समेत लगभग सभी संभागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है। IMD ने चेतावनी दी है कि इस दौरान न केवल हल्की से मध्यम बारिश होगी, बल्कि कुछ इलाकों में ओले गिरने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी करते हुए नागरिकों को सावधान रहने को कहा गया है।
किसानों के लिए परीक्षा की घड़ी
एक तरफ जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं प्रदेश का किसान अपनी मेहनत को बचाने की जद्दोजहद में जुट गया है। खेतों में रबी की फसलें पककर तैयार हैं और कई जगहों पर कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश और ओले फसलों के लिए काल साबित हो सकती है। मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष परामर्श जारी किया है कि वे कटी हुई फसलों और खलिहानों में रखे अनाज को तुरंत सुरक्षित या ढके हुए स्थानों पर शिफ्ट कर लें। आंधी और बारिश के कारण दानों के झड़ने और फसल के खराब होने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जिससे किसान काफी सहमे हुए हैं।
सावधानी में ही समझदारी
अगले 72 घंटों के दौरान धूलभरी आंधी और मेघगर्जन की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान वे पेड़-पौधों, बिजली के खंभों और कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लें। 20 से 30 किमी की रफ्तार से चलने वाली हवाएं अचानक उग्र रूप ले सकती हैं।
