Jaisalmer Wildfire: राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित रायमला गांव के पास जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। एक बड़ा इलाका इस वाइल्डफायर की चपेट में है। फिलहाल का शुष्क मौसम और सीमावर्ती इलाके में चल रही तेज हवाओं के कारण आग की लपटें बहुत तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जैसलमेर के सीमावर्ती इलाके में भीषण आग (सांकेतिक चित्र)
अचानक भड़कीं लपटें, ग्रामीणों ने दी सूचना
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, रायमला गांव के बाहरी इलाके में झाड़ियों और घास के मैदानों में यह आग अचानक शुरू हुई। रेगिस्तानी इलाके में चलने वाली तेज और गर्म हवाओं के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जैसे ही ग्रामीणों को इस भीषण आग का अहसास हुआ, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को दी।
राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें
आग की भयावहता को देखते हुए सबसे पहले नजदीकी रामगढ़ इलाके से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया गया। इसके तुरंत बाद, जैसलमेर जिला मुख्यालय से भी फायर ब्रिगेड की विशेष टीम अलर्ट मिलते ही घटना स्थल पर पहुंच गई। आग को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन की सिविल डिफेंस टीम भी मौके पर मुस्तैद है और लगातार मोर्चे पर डटी हुई है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस संकट की घड़ी में स्थानीय ग्रामीण भी अपनी जान की परवाह किए बिना प्रशासन और दमकल विभाग की मदद कर रहे हैं। ग्रामीण पारंपरिक तरीकों जैसे रेत और पानी का छिड़काव कर आग को रिहाइशी इलाकों की तरफ बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
चुनौती बना मौसम
रेगिस्तानी इलाके में चल रही तेज हवाएं दमकलकर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रही हैं। राहत की बात यह है कि इस हादसे में अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल आग को पूरी तरह से बुझाने और इसे किसी आबादी वाले क्षेत्र या संवेदनशील प्रतिष्ठानों तक पहुंचने से रोकने पर केंद्रित है।
आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रशासन का कहना है कि पहली प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाना है। आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक गर्मी और सूखे पेड़ों-झाड़ियों के आपस में टकराने या किसी अन्य चिंगारी की वजह से यह हादसा हुआ हो सकता है।
