राजस्थान के जयपुर जिले स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा में हुए हिंसक विवाद का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हुए इस पूरे घटनाक्रम के ठीक 24 घंटे बाद शनिवार सुबह प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया। सुरक्षा और माहौल को देखते हुए स्कूल को फिलहाल 50 मीटर दूर एक अन्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है।
जयपुर में भारी बवाल के बाद जागी सरकार (फाइल फोटो)
इस बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि रामपुरा विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य 1 सितंबर से शुरू कर दिया जाएगा। CJP सह-संयोजक आशुतोष रांका ने इस त्वरित फैसले के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
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दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस FIR दर्ज
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद को लेकर जयपुर के शिवदासपुरा पुलिस थाने में कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। जयपुर साउथ के डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि CJP कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों, दोनों ही पक्षों की तरफ से शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली हैं। निष्पक्ष जांच के तहत दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सबूतों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आशुतोष रांका ने बताया पूर्व-नियोजित हमला
विवाद के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, गाली-गलौज और हुड़दंग मचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। CJP नेता आशुतोष रांका ने इसे पूर्व-नियोजित हमला बताते हुए आरोप लगाया कि बगरू से स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के शह पर बाहर से गुंडे बुलाकर पथराव कराया गया। वहीं दूसरी तरफ, आंध्र प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता शेख बाजी ने पलटवार करते हुए CJP को कांग्रेस का एजेंट बताया और आरोप लगाया कि यह संगठन इस घटना का बेवजह राजनीतिकरण कर रहा है।
