जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इस बार वजह राजनीति नहीं, बल्कि घोड़ों के प्रति उनका खास लगाव है। घुड़सवारी के शौकीन राजा भैया के निजी अस्तबल में एक नया घोड़ा ‘अश्व मगधीरा’ शामिल हुआ है। जिसका उन्होंने कुंडा में पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें राजा भैया खुद घोड़े को तिलक लगाकर और आरती उतारकर स्वागत करते नजर आ रहे हैं।
राजा भैया के अस्तबल में आया सबसे महंगा घोड़ा 'अश्व मगधीरा'
पारंपरिक तरीके से हुआ नए घोड़े का स्वागत
अस्तबल प्रबंधन के अनुसार, अश्व मगधीरा को विशेष रूप से कुंडा लाया गया है और इसे जल्द ही स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। घोड़े के स्वागत के दौरान नारियल फोड़ा गया और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसे अस्तबल के अंदर प्रवेश कराया गया। इस घोड़े के आने के बाद राजा भैया के अस्तबल में अब घोड़ों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है।
थोरोब्रेड नस्ल के घोड़े की खासियत
बताया जा रहा है कि अश्व मगधीरा थोरोब्रेड नस्ल का घोड़ा है, जिसे दुनिया की सबसे तेज और बेहतरीन नस्लों में से एक माना जाता है। इस नस्ल के घोड़े खासतौर पर हॉर्स रेसिंग, जंपिंग और पेशेवर घुड़सवारी के लिए प्रसिद्ध हैं। ये बेहद पतले-दुबले, चौड़ी छाती और लंबे पैरों वाले होते हैं। इनकी फुर्ती, ताकत और शानदार मूवमेंट इन्हें औरों से खास बनाती है।
करोड़ों कीमत वाले घोड़े ने बढ़ाई चर्चा
जानकारी के मुताबिक, राजा भैया के एक मित्र ने अश्व मगधीरा उन्हें उपहार में दिया है। हालांकि इस नस्ल के घोड़ों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये तक होती है। भारत में अच्छे रेस हॉर्स की कीमत सामान्य तौर पर 2.5 करोड़ से 15 करोड़ रुपये तक बताई जाती है। बता दें कि राजा भैया को बचपन से ही घुड़सवारी और महंगी नस्ल के घोड़ों का शौक रहा है। उनके अस्तबल में पहले से कई दुर्लभ और विदेशी नस्ल के घोड़े हैं।
