छत्तीसगढ़ में 'चिरायु योजना' बनी वरदान, सफल उपचार से बच्चों को मिल रहा नया जीवन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 4, 2023, 09:38 PM IST

Chhattisgarh Chirayu Yojana: कार्यक्रम अंतर्गत साल में 2 बार समस्त ऑगनबाडियों में दर्ज बच्चे एवं साल में 01 बार समस्त शासकीय विद्यालयों का भ्रमण कर समस्त बच्चों का प्रारंभिक स्वाथ्य जाँच किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

Raipur News: बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) जन्म से ही स्वास्थ्य गत समस्याओं से पीड़ित बच्चों के लिए जीवन दायिनी साबित हो रही है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों में 04 प्रकार की परेशानियाँ जैसे डीफेक्ट एट बर्थ, डिसएबिलिटी, डेवलेपमेन्टल डिले, डेफिसिएन्सी की जाँच एवं उपचार कर रोगों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। कार्यक्रम अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों जो कि आंगनबाड़ी व सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत है उन्हें शामिल किया गया है।

योजना के अंतर्गत महासमुंद जिले में अब तक 874 बच्चों के लिए वरदान साबित हुआ है। इसमें 126 कटे-फटे होंठ एवं तालु, 195 क्लब फुट, 82 कंजेनाईटल केटेरेक्ट 21 न्युरल ट्यूब डिफेक्ट, 450 जन्मजात हृदय रोग (कंजेनाईटल हार्ट डीसिस) से पीड़ित बच्चों का सफल उपचार किया गया है। जिले में जाँच हेतु 9 मोबाईल स्वास्थ्य टीम काम कर रही हैं। प्रत्येक टीम में 2 चिकित्सक, 1 फार्मासिस्ट, 1 लैब टेकनिशियन, 1 ए.एन.एम. की पदस्थापना की गई है।

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