Rae Bareli News: आधार का क्या महत्व है, ये तो सभी जानते हैं। आपको बैंक में खाता खुलवाना हो या बच्चे का स्कूल में एडमिशन करवाना हो। किसी सरकारी योजना का लाभ लेना हो या गैस, बिजली कनेक्शन बुक करना हो। या फिर मोबाइल कनेक्शन लेना हो या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हो या कोई इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदनी हो। इन और इन जैसी कई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आधार के बिना काम नहीं चलता। यहां तक कि पैन कार्ड से भी आधार लिंक होना जरूरी है। आधार इतना महत्वपूर्ण दस्तावेज है। लेकिन इसी महत्वपूर्ण दस्तावेज के साथ उत्तर प्रदेश के रायबरेली में क्या हो रहा है? सैकड़ों की संख्या में आधार कार्ड यहां कूड़े के ढेर में पड़े मिलने से सनसनी फैल गई है। वैसे रायबरेली अकेली ऐसी जगह नहीं है, जहां आधार कार्ड इस तरह कूड़े के ढेर में मिले हैं। ग्रेटर नोएडा और दिल्ली में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं और देख के कई अन्य हिस्सों से ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।
राय बरेली में कूड़े के ढेर मे मिले सैकड़ों आधार कार्ड
क्या सभी Aadhaar में एड्रेस कूड़े का ढेर लिखा था?
निश्चित तौर पर किसी भी आधार में एड्रेस कूड़े का ढेर नहीं लिखा था, फिर भी इन्हें कूड़े के ढेर में डिलिवर किया गया, जो चिंता का विषय है। रायबरेली में जिस तरह से आधार कार्ड कूड़े के ढेर में पड़े मिले हैं, उससे इस सरकारी दस्तावेज की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के तहसील गेट के सामने कूड़े के ढेर में सैकड़ों आधार कार्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज पड़े मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। अब प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इतने जरूरी दस्तावेज कूड़े के ढेर में क्यों?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कूड़े के ढेर में बड़ी संख्या में आधार कार्ड के अलावा कुछ अन्य वित्तीय और पहचान संबंधी दस्तावेज भी पड़े मिले। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इनमें से कई आधार कार्ड राही ब्लॉक क्षेत्र के लोगों के बताए जा रहे हैं। घटना सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि जिन लोगों के लिए ये दस्तावेज तैयार किए गए थे, वे आखिर लाभार्थियों तक क्यों नहीं पहुंच सके।
ऐसी हरकत के लिए जिम्मेदार कौन?
एक तरफ सरकार की तरफ से बार-बार कहा जाता है कि आधार कार्ड का बायोमीट्रिक उपयोग बंद करके रखें। अपना पूरा आधार कार्ड नंबर किसी अंजान व्यक्ति को न बताएं। यहां तक कि आधार कार्ड मास्क करने की सर्विस भी UIDAI के द्वारा दी जाती है। ऐसे में इतने महत्वपूर्ण दस्तावेज इस तरह के कूड़े के ढेर में मिलना चिंता का विषय है। इतनी बड़ी संख्या में आधार और वित्तीय दस्तावेजों को कूड़े के ढेर में फेंकने के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? वैसे आधार कार्ड को घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डाक विभाग की होती है। कई बार डाकिए घर-घर जाकर डाक देने की बजाय उन्हें इस तरह से कूड़े में फेंक देते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण जरूरतमंद नागरिकों तक उनके आधार कार्ड नहीं पहुंचे। घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं कि संवेदनशील दस्तावेज आखिर कूड़े के ढेर तक कैसे पहुंच गए।
मामले पर सदर एसडीएम गौतम सिंह ने कहा कि प्रकरण की जानकारी मिलते ही जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दस्तावेज वहां कैसे पहुंचे, इसकी पड़ताल की जाएगी और अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
