पंजाब पुलिस की SSF बनी हाइवे की ढाल, दो साल में बचाई हजारों जानें; भारत का पहला 3D बल बनने की ओर अग्रसर

पंजाब पुलिस की 'सड़क सुरक्षा फोर्स' ने हाई-टेक वाहनों और तकनीक के जरिए हाईवे पर सड़क हादसों में होने वाली मौतों को भारी मात्रा में कम करके हजारों लोगों की जान बचाई है।

मोहाली : पंजाब पुलिस न केवल अपराधियों से प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि अपनी प्रमुख परियोजना ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (एसएसएफ) के माध्यम से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित कर रही है। यह यात्रियों की जान बचाने के लिए समर्पित एक हाईवे पेट्रोल बल है, जो ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-संचालित पूर्वानुमान प्रणालियों को एकीकृत कर पंजाब पुलिस को भारत का पहला 3डी पुलिस बल बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

Punjab Police Sadak Suraksha Force

पंजाब पुलिस की 'सड़क सुरक्षा फोर्स

समर्पित हाईवे पेट्रोल बल का प्रभाव उन सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहां इसकी तैनाती है। फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक, एसएसएफ ने 43,983 सड़क दुर्घटनाओं में पहुँचकर कुल 47,386 लोगों की मदद की है। इन कार्रवाइयों के दौरान, 19,973 लोगों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27,413 घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुँचाया गया, जिससे तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया और चिकित्सीय सहायता के माध्यम से लोगों की जान बचाने में महत्त्वपूर्ण योगदान मिला है। पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के विपरीत, एसएसएफ के जवानों को नियमित कानून-व्यवस्था या वीआईपी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता है। उनका प्राथमिक दायित्व सड़क सुरक्षा, तत्काल प्रतिक्रिया और दुर्घटना पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है।

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