Punjab News: अमृतसर में पंजाब पुलिस को हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर और काउंटर इंटेलिजेंस (CI) अमृतसर ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए हथियार व नशा तस्करी से जुड़े दो मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। दोनों अभियानों में पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 2.9 किलोग्राम हेरोइन, आठ अत्याधुनिक पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक कार और मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
अमृतसर में ड्रोन से हथियार और हेरोइन की सप्लाई का खुलासा (फोटो- ANI)
शुरुआती जांच में क्या सामने आया?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के गांव भिंडी औलख निवासी इंदरपाल सिंह और सिकंदरजीत सिंह, कक्कड़ निवासी हैप्पी सिंह उर्फ वीरपाल सिंह, गुरदासपुर के महल निवासी सुनील मसीह और राजन मसीह तथा अमृतसर के नूरपुर निवासी प्रदीप सिंह के रूप में हुई है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सीमा पार से होने वाली तस्करी में शामिल थे। ड्रोन के जरिए पाकिस्तान की ओर से हथियार और नशीले पदार्थों की खेप मंगाई जाती थी, जिसके बाद इन्हें पंजाब में आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, ताकि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
सात पिस्तौल की खेप के साथ तीन आरोपी पकड़े
पहली कार्रवाई काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर की टीम ने की। एआईजी सुखमिंदर सिंह मान के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि सुनील मसीह और राजन मसीह के पास अवैध पिस्तौल की बड़ी खेप पहुंची है। दोनों आरोपी इसे अमृतसर के नूरपुर इलाके में अपने साथी प्रदीप सिंह को सौंपने वाले थे। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को रोक लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से सात अवैध पिस्तौल बरामद की गईं। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
2.9 किलो हेरोइन और पिस्तौल बरामद
दूसरी कार्रवाई SSOC अमृतसर की टीम ने की। इस दौरान इंदरपाल सिंह, सिकंदरजीत सिंह और हैप्पी सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 2.9 किलोग्राम हेरोइन और एक पिस्तौल बरामद की। एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क का संचालन कितने बड़े स्तर पर हो रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। अधिकारियों ने आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी होने की संभावना जताई है। दोनों मामलों में SSOC अमृतसर थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हथियार और नशे की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
