पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों को सुरक्षित रखने के लिए ब्यास और सतलुज नदियों के संवेदनशील हिस्सों में 32.09 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू किए हैं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सोमवार को विधानसभा में विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।
पंजाब में बाढ़ से बचाव के लिए 32.09 करोड़ के काम (सांकेतिक फोटो)
संवेदनशील स्थानों की पहचान कर शुरू हुए काम
मंत्री ने बताया कि सरकार ने बाढ़ के खतरे वाले संवेदनशील इलाकों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने की योजना बनाई है। अमृतसर रोड पर ब्यास पुल से हरिके पट्टन तक ब्यास नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा की गई। ड्रेनेज डिवीजनों ने विस्तृत सर्वे के बाद संवेदनशील स्थानों की पहचान की। इसके बाद सुपरिंटेंडिंग इंजीनियरों और चीफ इंजीनियरों की समितियों ने मौके का निरीक्षण कर जरूरी तकनीकी उपायों का सुझाव दिया। इन्हीं सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार ने 32.09 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्य मंजूर किए।
12 काम पूरे, एक निर्माणाधीन
जल संसाधन मंत्री के अनुसार, इन कार्यों में से 12 पूरे हो चुके हैं, जबकि एक काम अभी भी चल रहा है। इनमें कपूरथला के गांव अमृतपुर राजेवाल में नदी के कटाव को कम करने के लिए स्टड, रिवेटमेंट और स्पर बनाए गए हैं। इसके अलावा ब्यास नदी के किनारे बाढ़ के जोखिम को कम करने, वेस्ट बेइन के दोनों किनारों पर सुरक्षा कार्य और कपूरथला-जालंधर के गिद्दरपिंडी एक्सटेंशन रिवर एज क्षेत्र में सतलुज से जुड़े बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे किए गए हैं।
तटबंधों को भी किया गया मजबूत
सरकार ने ढिलवां के ऊपरी हिस्से में बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के साथ गोइंदवाल, वेरोवाल और गाइड तटबंधों की ऊंचाई बढ़ाने और उन्हें मजबूत करने का काम भी पूरा किया है। गांव घड़का में ब्यास नदी के दोनों किनारों पर रिवेटमेंट के निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं, ब्यास नदी के दाहिने किनारे स्थित गांव मरार में 360 फीट लंबे रिवेटमेंट का काम निर्माणाधीन है।
मनरेगा से भी 11.98 करोड़ के काम
राज्य सरकार के अलावा मनरेगा (MGNREGA) के तहत भी बाढ़ और नदी कटाव से बचाव के लिए लगभग 11.98 करोड़ रुपये के काम कराए गए हैं। अहली कलां, अहली खुर्द, सफदरपुर-खिज्रपुर और गढ़का के आसपास किए गए इन कार्यों का मकसद गांवों और कृषि भूमि को बाढ़ व नदी के कटाव से बचाना है।
पांच बाढ़ सीजन में नहीं टूटा ब्यास का कोई तटबंध
मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विधानसभा में बताया कि पिछले पांच बाढ़ सीजन के दौरान ब्यास नदी के किनारे बने किसी भी बाढ़ सुरक्षा तटबंध में दरार या टूटने की घटना नहीं हुई। सरकार का कहना है कि संवेदनशील हिस्सों में लगातार निगरानी और सुरक्षा कार्यों के जरिए बाढ़ के खतरे को कम करने का प्रयास जारी है।
