महाकुंभ में वायु प्रदूषण कंट्रोल का बना रिकॉर्ड, हजारों गाड़ियां आने से भी नहीं बिगड़ी प्रयागराज की हवा

Prayagraj Mahakumbh AQI: महाकुंभ में देश की 60 फीसदी से अधिक आबादी संगम के पावन जल में पवित्र डुबकी लगाकर चली गई है। यहां लाखों चार पहिया वाहन भी यहां रहे। इसके बाद भी महाकुंभ क्षेत्र की आबोहवा सेहत के लिए खराब नहीं हुई है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की तरफ से जारी आंकड़ों से इसे बल मिला है।

Prayagraj Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ में अब तक 62 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी के पवित्र जल में डुबकी लगाई है। महाकुंभ में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के चार पहिया वाहन भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद महाकुंभ नगर की आबोहवा में प्रदूषण का जहर नहीं घुला है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की तरफ से जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स से यह बात सामने आई है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के पर्यावरण कंसल्टेंट इंजीनियर शहीक शिराज ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि महाकुंभ के दौरान वायु की गुणवत्ता के मामले में महाकुंभ क्षेत्र ग्रीन जोन में बना हुआ है।

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प्रयागराज में महाकुंभ मेला

अमृत स्नान के दिन महाकुंभ नगर का एक्यूआई

उनके मुताबिक, 13 जनवरी पौष पूर्णिमा को महाकुंभ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 67 था। इसी तरह 14 जनवरी मकर संक्रांति को 67, 29 जनवरी मौनी अमावस्या को 106, 03 फरवरी बसंत पंचमी को 65 और 12 फरवरी माघी पूर्णिमा को 52 रहा है। गौरतलब है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 के अंदर अच्छा माना जाता है और 100 से 150 के बीच मॉडरेट। इस तरह महाकुंभ में केवल मौनी अमावस्या की हवा की गुणवत्ता थोड़ी सी मॉडरेट थी। इसके अलावा सभी दिनों हवा की गुणवत्ता अच्छी रही है। महाकुंभ के दौरान 42 दिन पूरा क्षेत्र ग्रीन जोन में रहा है।

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