Meerut-Prayagraj Expressway Route Map: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे की संख्या अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे अधिक है। जनसंख्या के लिहाज से देश के सबसे बड़े सूबे में कुल 13 एक्सप्रेस-वे हैं, जिनमें से 6 चालू हैं, जबकि 7 निर्माणाधीन हैं। राज्य में एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 3,200 किलोमीटर है, जिसमें उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPIEDA) के अंतर्गत बनने वाला यूपी का सबसे लंबा 'गंगा एक्सप्रेस-वे' (UP Longest Ganga Expressway) बहुत महत्वपूर्ण है। निर्माण पूरा होने के बाद यह राज्य की जीडीपी (GDP) में मील का पत्थर साबित होगा। यह हाईटेक मार्ग विकसित होने के आखिरी चरण में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दिसंबर माह में आम जनता के लिए खोल दिया है। इसका काम इसलिए भी तेज गति के साथ हो रहा है क्योंकि साल 2025 में प्रयागराज में महाकुंभ (Prayagraj Maha Kumbh 2025) का आयोजन होना है। ऐसे में इसके खुलने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को संगमनगरी पहुंचने में सहूलियत होगी। आइये जानते हैं इस एक्सप्रेसवे का रूट मैप क्या है?
UP का सबसे लंबा 'गंगा एक्सप्रेसवे'
Ganaga Expressway Route Map: कहां-कहां से होकर गुजेगा एक्सप्रेसवे
- मेरठ (Meerut)
- हापुड़ (Hapur)
- बुलंदशहर (Bulandshahr)
- अमरोहा (Amroha)
- संभल (Sambhal)
- बदायूं (Badaun)
- शाहजहांपुर ( Shahjahanpur)
- हरदोई (Hardoi)
- उन्नाव (Unnao)
- रायबरेली (Raebareli)
- प्रतापगढ़ (Pratapgarh)
- प्रयागराज (Prayagraj )
'गंगा एक्सप्रेस वे' रूट मैप (Ganga Expressway Route Map)
'गंगा एक्सप्रेस वे' की लंबाई 594 किलोमीटर है। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा यह एक्सप्रेस-वे सूबे के 12 जिलों के कुल 518 गांव से होकर गुजरेगा। छह लेन में तैयार हो रहे इस एक्सप्रेस-वे को आगे जरूरत पड़ने पर बढ़ाकर आठ लेन का किया जा सकता है। इस पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चलाई जा सकता है और मेरठ से प्रयागराज की दूरी मात्र छह घंटे में पूरी की जा सकती है पहले चरण का काम पूरा होने के बाद 'गंगा एक्सप्रेसवे' प्रदेश के 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा।बिहार सीमा तक जाएगा एक्सप्रेसवे
इस मेगा प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में प्रदेश के पांच और जिले इससे जुड़ जाएंगे। इस चरण में इसे प्रयागराज से आगे मिर्जापुर से बिहार की सीमा पर स्थित बलिया तक बढ़ाया जाएगा। इस दौरान ये मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी और गाजीपुर होते हुए यह बलिया पहुंचेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे का दूसरा चरण 350 किलोमीटर का होगा। दोनों चरण मिलाकर कुल लंबाई करीब 950 किलोमीटर की हो जाएगी, और यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बन जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे के बारे में जानने योग्य बिंदु
| जानकारी | विवरण |
| एक्सप्रेसवे का नाम | गंगा एक्सप्रेसवे |
| एक्सप्रेसवे की लंबाई | 594 किमी. |
| परियोजना की लागत | 40,000 करोड़ |
| शुरुआती बिंदु | बिजौली गांव (मेरठ) |
| अंतिम बिंदु | जूडापुर दादू गांव (प्रयागराज) |
| लेन संख्या | 6 से 8 तक विस्तार |
| एयर स्ट्रिप | 3.5 किलोमीटर (शाहजहांपुर) |
| निर्माणकर्ता कंपनी | UPEIDA |
| कार्य पूरा होने का समय | दिसंबर 2024 |
गंगा एक्सप्रेस-वे जिन जिलों से गुजरेगी, वहां विकास और रोजगार देखने को मिलेगा। इससे प्रदेश की जीडीपी काफी इजाफा होने की उम्मीद है। सबसे खास बात यह है कि बलिया के रास्ते बिहार के लोग भी आसानी से सड़क मार्ग से राष्ट्रीय राजधानी से जुड़ जाएंगे।
'गंगा एक्सप्रेस-वे' का बजट (Ganga Expressway Budget)
'गंगा एक्सप्रेस-वे' के निर्माण का कुल बजट 56,000 करोड़ रुपये का है। इसमें पहले चरण की कुल निर्माण लागत 37,350 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें करीब 9,500 करोड़ रुपये की भूमि अधिग्रहण लागत भी शामिल है। गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण यूपीडा कर रहा है। सरकार का लक्ष्य कुंभ से पहले 2024 के दिसंबर तक इसका निर्माण कराने का था, लेकिन बारिश की वजह से इसमें देरी हो सकती है। इस हाईटेक सड़क मार्ग के किनारे भविष्य में औद्योगिक शहर भी बसाए जा सकते हैं। साथ ही इसके किनारे रियल स्टेट का व्यापार तेजी से बढ़ने का अनुमान है और यात्रियों की सुविधाओं के लिए तमाम रेस्टोरेंट, ढाबे समेत अन्य इकाइयां भी खुलेंगी, जिससे लोगों को सहूलियत के साथ रोजगार भी मिलेगा।
