Maha kumbh 2025: 73 देशों के राजनयिकों ने त्रिवेणी संगम में लगाई डुबकी, बोले- महाकुंभ का दृश्य देख आंखें-आत्मा गौरवान्वित

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  • Updated Feb 1, 2025, 10:12 PM IST

Mahakumbh 2025: 73 देशों के राजनयिकों ने त्रिवेणी संगम के दर्शन किए तो कुछ ने आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ के अनुभव को लेकर भारत में जापान के राजदूत केइची ओने ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय ने राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था की। महाकुंभ मेला बहुत ही खास आयोजन है। मैं हिंदू संस्कृति को समझने के लिए यहां आने को लेकर बहुत उत्सुक था।

Maha kumbh 2025: दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम महाकुंभ मेले में शनिवार को आए 73 देशों के राजनयिकों और विदेशी अतिथियों ने त्रिवेणी संगम का दर्शन किया। इस दौरान, कुछ राजनयिकों ने संगम में आस्था की डुबकी भी लगाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन राजनयिकों का स्वागत कर उन्हें महाकुंभ के महात्म्य की जानकारी दी। महाकुंभ में इन राजनयिकों का सबसे पहले अरैल स्थित त्रिवेणी संकुल में प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया गया। वहां से सभी राजनयिकों को जेटी नाव के जरिये पवित्र त्रिवेणी संगम का दर्शन करवाया गया। कुछ देशों के राजनयिकों ने संगम में पवित्र स्नान और गंगा जल का आचमन भी किया।

Diplomats visited Triveni Sangam

73 देशों के राजनयिक पहुंचे महाकुंभ

राजनयिकों ने किया महाकुंभ मेले का भ्रमण

संगम स्नान के बाद सभी राजनयिकों ने उत्तर प्रदेश पर्यटन की बसों से महाकुंभ मेले का भ्रमण करते हुए अक्षयवट गलियारे और बड़े हनुमान मंदिर का दर्शन किया। अक्षयवट गलियारे में राजनयिकों को सरस्वती कूप का भी दर्शन कराया गया।भारतीय संस्कृति में नदियों और वृक्षों की पूजा की परंपरा एवं उनके आध्यात्मिक महत्व को जानकर कई देशों के राजनयिक काफी प्रभावित हुए। हनुमान मंदिर का दर्शन कर राजनयिकों का काफिला मेला क्षेत्र में बने पुलिस लाइन के सभागार पहुंचा।पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इन राजनयिकों को महाकुंभ और प्रयागराज के महात्म्य से परिचित कराते हुए कहा कि भारत के अधिकांश तीर्थ स्थल गंगा तट पर ही स्थित हैं और उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं हैं।

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