Basant Panchami Sanan: महाकुंभ 2025 के दौरान पवित्र स्नान के लिए प्रतिदिन अधिक संख्या में श्रद्धालु आते हैं। सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए, योगी सरकार ने स्नान करने के दौरान व्यवधानों से बचने के लिए सख्त उपायों की घोषणा की है। हाल ही में हुई भगदड़ और हादसे के बाद प्रशासन सख्त है। इसी बीच राज्य सरकार ने संगम में हुई दुखद भगदड़ के बाद ‘अमृत स्नान’ के दिनों और अन्य प्रमुख स्नान पर्वों पर वीआईपी प्रोटोकॉल पर रोक लगा दी है। हादसे में 30 श्रद्धालुओं की जान चली गई और करीब 60 घायल हो गए थे।
बसंत पंचमी स्नान के लिए महाकुंभ में 10 बड़े बदलाव।
बसंत पंचमी स्नान के लिए कुंभ में 10 बड़े बदलाव
- बेहतर आवागम के लिए 20 पांटून खोल दिये गए है। कुल 30 पांटून पुल है। मौनी अमावश्या के दिन 22 को आखंडों के लिए रिजर्व किया गया था।
- पांटून पुल पर आवागम की सुविधा को और सुरक्षित बनाया गया है। इस बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। अनुभव वाले प्रशानिक और पुलिस अधिकारियों की टीम लगाई गई है।
- सारे VVIP पास निरस्त कर दिए गए है।
- नाग बसुकी, लेटे हनुमान जी मंदिर, अक्षयबट, भरतकूप एवं भारद्वाज आश्रम हेतु अतिरिक्त मार्गों को खोला गया है।
- मेला क्षेत्र में मार्गों के किनारे लगी अवैध दुकानों को तात्कालिक रूप से हटवाया गया है।
- संगम तट पर लगे बोल्डर्स एवम घास वाले क्षेत्र में बैठने और लेटने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया।
- स्नानार्थियों को स्नान के बाद वापस भेजने के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है और फ़ोर्स की तैनाती की गई है।
- आवश्यक रूप से बैरिकेट मार्ग को खोला गया और नए रास्ते बनाये गए है
- One-way सिस्टम लागू किया गया है। प्रयागराज जंक्शन और अन्य रेलवे स्टेशन बाकी रेलवे स्टेशनों से संगम तट पर आने जाने के लिए एकल दिशा की व्यवस्था लागू की गई है।
- प्रयागराज से जाने वाले कीड़ों की संख्या बढ़ा कर करीब 109 कर दी गई है। इतना ही नहीं यह आकाश मार्ग से निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर की मदद दी जाएगी।
संगम में स्नान करने के महत्वपूर्ण दिनों और आसपास की तारीखों पर वीआईपी ट्रीटमेंट पर रोक लगा दी गई है। ये तीर्थयात्रियों और वीआईपी आवाजाही में कोई असुविधा नहीं हो, इसके कारण की गई है।
मुख्यमंत्री ने किया महाकुंभ नगर सहित प्रयागराज का हवाई सर्वेक्षण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रयागराज पहुंचे और उन्होंने महाकुंभ नगर समेत प्रयागराज का हवाई सर्वेक्षण कर सड़कों पर भीड़ की स्थिति और मेले की स्थिति का जायजा लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि शहर में विभिन्न मार्गों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री जिले के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे। मौनी अमावस्या को हुई भगदड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री पहली बार प्रयागराज में हैं और उन्होंने बसंत पंचमी का स्नान सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से लखनऊ से दो अनुभवी अधिकारियों समेत सात पुलिस अधिकारियों की मेले में तैनाती की है। मुख्यमंत्री महाकुंभ नगर आ रहे उपराष्ट्रपति की आगवानी करने प्रयागराज हवाईअड्डे जाएंगे और महाकुंभ नगर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। साथ ही वह 73 देशों से आ रहे राजनयिकों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
