Chaitra Navratri 2023: पौराणिक आस्था की तीर्थ नगरी प्रयागराज में स्थित शक्तिपीठ माता कल्याणी देवी के दर पर रोजाना हजारों भक्त शीश नवाने आते हैं। आश्विन व चैत्र नवरात्रि के मौके पर तो नौ दिनों तक मां के आराधकों की भारी भीड़ यहां जुटती है। संगम नगरी की 3 व 51 शक्तिपीठों में से एक है माता रानी कल्याणी देवी का मंदिर है।
प्रयागराज में शक्तिपीठ देवी कल्याणी का मंदिर हुआ हाईटेक (फाइल फोटो)
पौराणिक कथाओं के मुताबिक, इस स्थान पर सती माता की दो उंगलियां गिरी थी। कल्याणी देवी का मंदिर प्रयागराज का अतिप्राचीन एवं पुराणों में वर्णित शक्तिपीठ है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के मुताबिक, त्रेता युग में मां कल्याणी की 32 अंगुल ऊंची प्रतिमा की महर्षि याज्ञवल्क्य ने यहां पर स्थापना कर आराधना की थी। तब से ही इस स्थान पर देवी मां की पूजा अर्चना का दौर जारी है। प्रयागराज के पुरातत्व विभाग के क्यूरेटर डाॅ. सतीशचन्द्र काला के मुताबिक, माता रानी की ये प्रतिमा शोध में 1500 साल पुरानी पाई गई है।
