Ayodhya-Prayagraj Expressway Route Map: उत्तर प्रदेश के दो बड़े धार्मिक शहरों (UP Religious Cities) तक सीधी कनेक्टिविटी देने की कवायत चल रही है। एक ही दिन में दो बड़े तीर्थस्थलों के दर्शन सुलभ हो सकें, इसके लिए प्रयागराज से अयोध्या तक 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे बनाने की मंजूरी मिली है। लंबे समय से इन दोनों प्रमुख स्थलों तक पहुंच आसान बनाने के लिए एक हाईटेक मार्ग की मांग चल रही थी, जिसे सड़क परिवहन मंत्री नितिन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Road Transport Minister Nitin and Highway Minister Nitin Gadkari) ने स्वीकृती दे दी है। इस 6 लेन हाईटेक मार्ग के बनने से अयोध्या, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के लोगों को सीधा और आसपास के जिलों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। आइये जानते हैं इस सड़क का रूट मैप क्या है और यह कब तक बनकर तैयार होगा?
अयोध्या-प्रयागराज ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
अयोध्या-प्रयागराज हाईवे की लंबाई (Ayodhya-Prayagraj Expressway Length)
अयोध्या-प्रयागराज हाईवे (Ayodhya-Prayagraj Highway) की बाईं तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 4 लेन की जगह 6 लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण करने जा रहा है। इस मार्ग की लंबाई 90 किलोमीटर है, जिसको विकसित करने में 5000 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। इस बजट में किसानों से अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का मुआवजा भी शामिल है। कयास लगाए जा रहे हैं तीन साल में यह एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा।
प्रतापगढ़ से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
यह नई सड़क वर्तमान सड़क के समानान्तर बनाई जाएगी। वर्तमान में अयोध्या से प्रतापगढ़-2 लेन और प्रतापगढ़ से प्रयागराज तक 4 लेन सड़क से आवागमन किया जाता है। लिहाजा, राजमार्ग विभाग ने प्रयागराज अयोध्या-प्रयागराज हाईवे को फोरलेन करने के बजाय 6 लेन एक्सप्रेसवे में तब्दील कराने का प्लान किया है। वर्तमान हाईवे में वाहनों के भारी दबाव से ट्रैफिक समस्या और दुर्घटनाओं की संख्या में तेजी से इजाफा देखा जा रहा था। कई गांवों के बीच से हाईवे गुजरने के कारण अनायाश ट्रैफिक धीमा रहता है। साथ ही जानवरों और छोटी गाड़ियों की अधिकता भी परेशानी का सबब बनती है।
टीएएएसपीएल बना रही डीपीआर
अब इस एक्सप्रेसवे को विकसित करने के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहण की योजना तैयार की जा रही है। संबंधित अधिकारियों से किसानों का बायोडाटा इत्यादि इकट्ठा करने के लिए कभी बोला जा सकता है। प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी टीएएएसपीएल दिल्ली (TAASPL Delhi) को सौंपी गई है। इस नए एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रतापगढ़ जिले के गोंडे गांव सोनावा से अयोध्या के परिक्रमा स्थल भरत कुंड के पास तक कराया जाना है, जिसकी लंबाई 90 किलोमीटर होगी।
दो फेज में बनेगा एक्सप्रेसवे
प्रोजेक्ट की डीपीआर के मुताबिक, एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 38 मीटर होगी। इसमें 15-15 मीटर के कैरिज-वे, दो मीटर का फोल्डर और सर्विस रोड को शामिल किया जाएगा। सड़क मार्ग के दोनों ओर प्रतिबंधित लोहे के गार्डर लगाए जाएंगे, ताकि मवेशी और बीच से कोई वाहन इत्यादि अंदर न आ सकें। साथ इस पर तीन पहिया, ट्रैक्टर समेत छोटे वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण 45-45 किलोमीटर के दो फेज में कराया जाएगा। पहला फेज 84 कोस परिक्रमा स्थल अयोध्या भरत कुंड परिक्रमा मार्ग से कटका तक और दूसरा फेज कटका से गोंडे गांव सोनावां तक किया जाएगा।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को करेगा क्रॉस
इस एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए एयरफोर्स और यूपीडा से एनओसी लेनी होगी क्योंकि, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की एयर स्ट्रिप (Air Strip) नए एक्सप्रेसवे के निर्माण में बाधा बन रही है। इसके अलावा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) का क्रासिंग भी बाधा बन रहा है। इस सड़क मार्ग पर करीब 6 आरओबी और सेतु निर्माण किया जाएगा, जिसमें लखनऊ-वाराणसी रेल खंड (Lucknow-Varanasi Rail Section) पर एक ओवरब्रिज और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे क्रासिंग पर 18 मीटर ऊंचाई पर 6 लेन का फ्लाईओवर, गोमती नदी (Gomati River) पर 6 लेन समेत कई अन्य जगह पुल निर्माण भी शामिल है।
| जानकारी | विवरण |
| एक्सप्रेसवे का नाम | अयोध्या- प्रयागराज ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे |
| एक्सप्रेसवे की लंबाई | 90 किमी. |
| परियोजना की लागत | 5000 करोड़ रुपये |
| शुरुआती प्वाइंट | भरत कुंड परिक्रमा मार्ग (अयोध्या) |
| आखिरी प्वाइंट | गोंडे गांव सोनावां (प्रतापगढ़) |
| लेन संख्या | 6 |
| निर्माणकर्ता कंपनी | टीएएएसपीएल |
| निर्माण पूरा होने का समय | अगले 3 साल |
