उत्तर प्रदेश के पूर्व माफिया सांसद अतीक अहमद (Atiq Ahmed) की मौत के बाद उसके परिवार की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। उसके बहनोई मोहम्मद अहमद को 10 लाख रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। प्रयागराज पुलिस ने अतीक अहमद के बहनोई मोहम्मद अहमद, बड़ी बहन शाहीन और भांजा जका के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उसके खिलाफ रंगदारी मांगने, धमकी देने और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। साबिर हुसैन ने उसके खिलाफ केस दर्ज कराया है। साबिर प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। शाहीन का आरोप है कि पुलिस ने उनके पति और बेटी जेबा को घर से उठा ले गई। शाहीन ने पति और बेटी को अवैध तरीके से पुलिस हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया है। इसके लिए वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाई है।
अतीक अहमद के परिवार पर फिर कसा पुलिस का शिकंजा
दूसरी ओर अतीक अहमद की बहन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक आवेदन दायर कर अतीक के दो नाबालिग बेटों की कस्टडी की मांग की है। जो प्रयागराज के राजरूपुर में बाल संरक्षण गृह में बंद हैं। गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की इस साल अप्रैल में पुलिस रिमांड के दौरान हत्या कर दी गई थी। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन फरार है। अतीक के दोनों नाबालिग बेटे वर्तमान में राजरूपपुर बाल सुधार गृह में रह रहे हैं। उन्होंने अपने पिता और चाचा के अंतिम संस्कार में भी भाग लिया था।
यूपी में 101 आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले अतीक की शादी शाइस्ता से हुई थी और उसके पांच बच्चे थे। सबसे बड़ा बेटा, उमर, वर्तमान में लखनऊ जिला जेल में बंद है, जबकि दूसरा सबसे बड़ा बेटा, अली प्रयागराज के नैनी में जेल में बंद है। उमर को पिछले साल अगस्त में मोहित जयसवाल से जुड़े अपहरण और यातना मामले में जांच के लिए स्वेच्छा से लखनऊ सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद जेल में डाल दिया गया था। दूसरी ओर अली को उसी महीने जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार कर नैनी सेंट्रल जेल में डाल दिया गया था। उस मामले में जमानत मिलने के बावजूद वह एक अन्य लंबित आपराधिक मामले के कारण हिरासत में है।
अतीक अहमद का 19 वर्षीय बेटा असद अहमद जो झांसी में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसके खिलाफ 24 फरवरी तक कोई पूर्व आपराधिक मामला नहीं था। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर उसे उमेश पाल की हत्या के लिए हत्यारों के एक समूह का नेतृत्व करते हुए दिखाया गया है। एक वकील जो उसके पिता के लिए परेशानी खड़ी कर रहा था। पुलिस रिपोर्टों के अनुसार असद को एक सफेद एसयूवी से बाहर आया और उमेश पाल और उसके पुलिस गार्डों पर अंधाधुंध फायरिंग करते देखा गया।
25 जनवरी 2005 को प्रयागराज में बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में उमेश पाल मुख्य गवाह थे। अतीक अहमद और खालिद अज़ीम दोनों उस मामले में मुख्य आरोपी थे।
