कार बचाने घर से निकला शख्स, फिर कुछ ही मिनटों में उजड़ गई पूरी दुनिया; पुंछ की यह त्रासदी रुला देगी

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में बादल फटने और आई भीषण बाढ़ ने कई परिवारों की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। अपनी गाड़ी को सुरक्षित जगह पर खड़ी करने के लिए घर से निकले मोहम्मद लतीफ की जान तो बच गई, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनका तीन मंजिला मकान ढह गया और परिवार के आठ सदस्य मलबे में दब गए।

Poonch Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के सुदूरवर्ती लोअर मुरान गांव में रहने वाले बुजुर्ग मोहम्मद लतीफ के लिए एहतियात के तौर पर आधी रात में उठाया गया एक कदम जिंदगी भर का गम बन गया। जानकारी के अनुसार लतीफ शनिवार देर रात करीब 3:30 बजे, जब मूसलाधार बारिश के बीच अपनी एसयूवी कार को सुरक्षित जगह पर ले जाने के लिए घर से बाहर निकले, उसके कुछ ही मिनट बाद बादल फटने से आए मलबे, विशाल पत्थरों और बाढ़ के तेज बहाव ने नाले के किनारे बने उनके तीन मंजिला मकान को ढहा दिया, जिसमें उनके परिवार के आठ सदस्य मलबे में दब गए। संयोग से लतीफ महज बच गए। साथ ही उनका बड़ा बेटा घटना के समय जम्मू में था इसलिए वह भी बच गया लेकिन परिवार के बाकी सदस्यों को बचने का मौका नहीं मिल सका।

Poonch Cloudburst Tragedy

पुंछ की दिल दहला देने वाली घटना

अपनों की तलाश में जुटे लतीफ

सुबह होते ही तबाही का मंजर साफ हो गया। जिस जगह कभी परिवार का घर हुआ करता था, वहां अब बिखरा हुआ मलबा, मुड़े हुए लोहे के सरिये और पत्थरों का ढेर नजर आ रहा था। दिन निकलने तक नाला सामान्य दिखाई देने लगा था, मानो कुछ घंटे पहले उसी के तेज बहाव ने तीन मंजिला मकान को अपने साथ बहा न ले गया हो। अपना दुख किनारे रखकर लतीफ गांव के लोगों और राहत एवं बचावकर्मियों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुट गए। फावड़ों और रस्सियों की मदद से वह पूरे दिन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में लगे रहे, इस उम्मीद के साथ कि शायद कोई जिंदा मिल जाए। हालांकि, तलाश का नतीजा सिर्फ दुख लेकर आया।

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