महिला आरक्षण बिल पर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस का देशव्यापी अभियान; 21 अप्रैल को 29 शहरों में प्रेस वार्ताएं

महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस आमने-सामने हैं। बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ कांग्रेस का काउंटर अटैक शुरू हो गया है। प्रियंका गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस ने 21 अप्रैल को देश के 29 शहरों में बड़े स्तर पर प्रेस वार्ताएं आयोजित करने का ऐलान किया है।

महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ के गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं और दोनों दल देशभर में आक्रामक अभियान चला रहे हैं। बीजेपी के “हल्ला बोल” अभियान के जवाब में कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। पार्टी अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा जनआंदोलन बनाने की तैयारी में है।कांग्रेस ने रणनीति के तहत देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों में बड़े पैमाने पर प्रेस वार्ताएं शुरू कर दी हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि बीजेपी महिला आरक्षण के मुद्दे पर “झूठा नैरेटिव” गढ़कर जनता को गुमराह कर रही है।

महिला आरक्षण बिल पर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस का देशव्यापी अभियान; 21 अप्रैल को 29 शहरों में प्रेस वार्ताएं

सड़क से लेकर मुख्यालय तक विरोध

दिल्ली में भी कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च किया गया और जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। पार्टी इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाने की कोशिश में है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने विधेयक के गिरने को “लोकतंत्र की जीत” करार दिया। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को जानबूझकर परिसीमन और जनगणना से जोड़कर लागू करने में देरी कर रही है।

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