दिल्ली पुलिस ने 2020 के दिल्ली दंगा मामले के आरोपी शाहरुख पठान को उच्च सुरक्षा वाली जेल कोठरी में रोजाना चार कच्चे अंडे और अलग टीवी मुहैया कराने के आदेश को वापस लेने या उसमें संशोधन का अनुरोध करते हुए कोर्ट का रुख किया है। पुलिस ने कहा कि इन निर्देशों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। पठान पर दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानने का आरोप है।
दिल्ली दंगा आरोपी शाहरुख पठान (फाइल फोटो)
पुलिस ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी के चार जून के आदेश के खिलाफ यह याचिका दाखिल की है। आरोपी के वकील ने अदालत को बताया था कि तिहाड़ जेल में बंद उनका मुवक्किल लंबे समय से हिरासत में रहने के कारण निराशा और अवसाद का सामना कर रहा है।
'उबले अंडों से उसकी तबीयत खराब हो जाती'
कोर्ट ने चार जून के आदेश में पठान की उस अर्जी को मंजूर कर लिया था, जिसमें उसने उबले अंडों की जगह रोजाना चार कच्चे अंडे देने और अपने खर्चे पर कोठरी में अलग टीवी रखने की अनुमति मांगी थी। पठान के वकील ने दलील दी थी कि उबले अंडों से उसकी तबीयत खराब हो जाती है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा था कि उच्च खतरे वाला कैदी होने के कारण पठान को अलग कोठरी में रखा गया है, इसलिए वह अन्य कैदियों के लिए लगाए गए कॉमन टीवी पर अपनी पसंद के कार्यक्रम नहीं देख पाता। लंबे समय तक जेल में रहने से वह मानसिक रूप से परेशान और अवसादग्रस्त हो गया है।
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'पठान को उबले अंडों की जगह रोजाना चार कच्चे अंडे उपलब्ध कराए जाएं'
कोर्ट ने अनुरोध को स्वीकार करते हुए तिहाड़ जेल अधीक्षक को निर्देश दिया था कि पठान को उबले अंडों की जगह रोजाना चार कच्चे अंडे उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही उसे अपने खर्चे पर अलग टीवी खरीदकर कोठरी में रखने की अनुमति भी दी गई थी।अब पुलिस ने इन निर्देशों को वापस लेने या उनमें बदलाव का अनुरोध किया है। अदालत ने अभी इस याचिका पर फैसला नहीं सुनाया है।
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शाहरुख पठान ने हिंसा के दौरान पुलिस कांस्टेबल पर पिस्तौल तान दी थी
पठान 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है और फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। इस मामले के अन्य आरोपी जमानत पर हैं। मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों के संबंध में जाफराबाद पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। आरोप है कि हिंसा के दौरान पठान ने पुलिस कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तान दी थी। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला काफी सुर्खियों में आया था। पठान को तीन मार्च 2020 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में है।
