लालू का विरोधी, कलेक्टर का हत्यारा...कौन है बाहुबली आनंद मोहन? जो आ रहा जेल से बाहर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 25, 2023, 03:14 PM IST

Anand Mohan Kaun hai: आनंद मोहन सिंह को गोपालगंज जिले के डीएम जी. कृष्णनैया की हत्या में दोषी ठहराया गया था। उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया था। अब बिहार सरकार आनंद मोहन सिंह को रिहा करने जा रही है।

Anand Mohan Kaun hai: आनंद मोहन ( Anand Mohan) की कहानी उस समय शुरू होती है, जब बिहार (Bihar) में जात की लड़ाई अपने चरम पर थी। आए दिन राज्य में जाति के नाम पर हत्याएं हो रही थीं। यह ऐसा दौर था जब बाहुबली राजनेता आनंद मोहन (Anand Mohan released ) का नाम खूब चर्चा में था। यह 90 का दशक था और आनंद मोहन को लालू प्रसाद यादव (Lalu yadav) का मुख्य विरोधी चेहरा माना जाने लगा था। वह बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर उभरने लगे थे। यूं तो आनंद मोहन पर हत्या, लूट और अपहरण जैसे कई संगीन मामले दर्ज थे, लेकिन आनंद मोहन का सूर्य तब अस्त होना शुरू हुआ, जब उनका नाम गोपालगंज जिले के तत्कालीन डीएम जी. कृष्णनैया की हत्या में शामिल हुआ।

Anand Mohan Singh

आनंद मोहन सिंह (फाइल फोटो)

पटना कोर्ट (Patna High Court) ने आनंद मोहन को दोषी ठहराया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई। आजाद भारत के वह ऐसे पहले नेता थे, जिन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, बाद में ऊपरी अदालत ने इस सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया। तब से लेकर अब तक आनंद मोहन जेल की सलाखों के पीछे हैं, लेकिन अब वह जेल से बाहर आ रहे हैं। दरअसल, बिहार सरकार (Bihar Government) ने उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया है। उनके साथ 27 अन्य कैदियों को छोड़ने के प्रस्ताव पर सहमति बनी है। आइए जानते हैं बिहार के इस बाहुबली नेता आनंद मोहन के बारे में... उनका नाम अचानक चर्चा में क्यों आया? बिहार की राजनीति में आनंद मोहन का उदय कैसे हुआ? लालू प्रसाद यादव का मुख्य विरोधी चेहरा कैसे बने और अब उनकी रिहाई क्यों हो रही है?

End of Feed