स्टार्टअप बिहार से बदली तस्वीर, बढ़े राजेगार के अवसर

‘स्टार्टअप बिहार’ नीति के तहत अब तक कुल 1522 कंपनियां पंजीकृत हो चुकी हैं। इसके साथ 46 स्टार्टअप सेल और 22 इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष 2261 एमएसएमई को स्थानीय उद्योगों से जोड़ा गया।

नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘स्टार्टअप बिहार’ की बदौलत बिहार उद्यमिता का गढ़ बनता जा रहा है। इस परिवर्तन से एक सशक्त उम्मीद बनी है। युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को प्रोत्साहित करते हुए यह योजना नवाचार आधारित विकास के लिए नए अवसर उत्पन्न कर रही है। इसका उद्देश्य राज्य के युवाओं की प्रतिभा का उपयोग करते हुए स्टार्टअप के लिए एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर बिहार को स्टार्टअप, निवेशकों और अन्य हितधारकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। बिहार स्टार्टअप नीति के तहत सरकार युवाओं को 10 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है।

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बिहार सीएम नीतीश कुमार (फोटो- PTI)

इस नीति के तहत अब तक कुल 1522 कंपनियां पंजीकृत हो चुकी हैं। इसके साथ 46 स्टार्टअप सेल और 22 इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष 2261 एमएसएमई को स्थानीय उद्योगों से जोड़ा गया। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 1903 जागरूकता शिविर लगाए गए और आउटरीच प्रोग्राम आयोजित किए गए जिसमें 8099 छात्र प्रशिक्षित किए गए और 91 छात्रों को इंटर्नशिप मिली। सिडबी के साथ 150 करोड़ फंड के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किया गया। अब बिहार के युवा राज्य में ही रोजगार पा रहे हैं और हमारा बिहार सच में बदल रहा है। बिहार स्टार्टअप योजना के अंतर्गत उद्यमियों को 10 वर्षों के लिए 10 लाख तक का इंटरेस्ट फ्री सीड फंड प्रदान किया जा रहा है।

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