बिहार में जमीन दाखिल-खारिज मामले से जमीन के मालिकों अब परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उनकी यह परेशानी भी जल्द ही खत्म होने वाली है। क्योंकि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि सुधार डिप्टी कलेक्टर (DCLR) को इन मामलों के संबंध में पत्र लिखा है। इस पत्र के अनुसार, छोटे-छोटे कारणों से पेंडिंग दाखिल-खारिज मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के आदेश दिए गए हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा 30 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है, जिसमें मामूली गलतियों के चलते रिजेक्ट किए गए मामलों को निपटाने का आदेश दिए गए है।
गलती से अगर हो जाए मिस्टेक तो भी नहीं रुकेगा दाखिल-खारिज
जमीन दाखिल-खारिज मामलों को होगा निपटारा
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा लिखे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि बिना किसी ठोस कारण के किसी जमीन के दाखिल-खारिज मामले को पेंडिंग रखना उचित नहीं है। छोटे-छोटे कारणों से पेंडिंग मामलों को जल्द निपटाने के आदेश दिए गए हैं। इसका अर्थ यह है कि अब इससे संबंधित अधिकारी आपसे खुद संपर्क करेंगे और ऑफिस बुलाकर जमीन के दाखिल-खारिज काम को निपटाएंगे। लंबे समय से परेशान हो रहे लोगों की परेशानी को दूर किया जाएगा।
टाइपिंग एरर या अन्य मामूली गलती पर 30 दिन में अपील का प्रावधान
जमीन दाखिल-खारिज के काम में दस्तावेजों में अक्सर मामूली गलतियां देखन को मिलती है। जिसमें टाइपिंग एरर आदि शामिल है। इससे दस्तावेजों को पढ़ने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इससे बचने के लिए लोगों के पास 30 दिन का समय है, जिसके भीतर उन्हें अपील करने का अधिकार दिया गया है। लेकिन इस दौरान भी जमीन के मालिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अपील करने के बाद भी आवेदन डीसीएलआर की टेबल पर जस के तस पड़े रहते थे। उस पर कार्रवाई करने में बहुत लंबा समय लगता था। ऐसे में जमीन के मालिक लगातार ऑफिस के चक्कर लगाते रहते थे। जिससे न केवल उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था, बल्कि उनका किमती समय भी बर्बाद होता था। लोगों की इस समस्या को दूर करने के लिए ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इन मामलों को निपटाने के लिए एक डेडलाइन दी है।
31 मार्च तक दाखिल-खारिज निपटाने की डेडलाइन
लोगों की परेशानियों को समझते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने जिला डीसीएलआर को मामूली गलतियों और टाइपो से रिजेक्ट हुए मामलों को 31 मार्च तक निपटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा अन्य मामलों में भी तेजी से कार्रवाई करने की निर्देश दिए हैं।
