Kishore Kunal Death: पटना महावीर मंदिर के संस्थापक और राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य किशोर कुणाल का निधन हो गया। किशोर कुणाल को आज सुबह कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें तुरंत महावीर वत्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। कुणाल किशोर पूर्व आईपीएस ऑफिसर भी थे। आईपीएस की सेवा से रिटयारमेंट के बाद वे सामाजिक कार्यों से जुड़े। किशोर कुणाल बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और पटना के महावीर मंदिर न्यास के सचिव भी थे।
पटना महावीर मंदिर के संस्थापक किशोर कुणाल (फाइल फोटो)
1972 में बने आईपीएस अधिकारी
किशोर कुणाल का जन्म 10 अगस्त 1950 में बिहार में हुआ। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई मुजफ्फरपुर के बरुराज गांव से की। जिसके बाद पटना यूनिवर्सिटी से इतिहास और संस्कृत में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। किशोर कुणाल साल 1972 में गुजरात कैडर से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी बनकर आनंद के पुलिस अधीक्षक बने। जिसके बाद साल 1978 में अहमदाबाद के पुलिस उपायुक्त पद पर तैनात हुए। साल 1983 में प्रोमोशन पाकर वे पटना में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बने।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार के साथ आचार्य किशोर कुणाल
धार्मिक कार्यों में रहे शामिल
कुणाल किशोर साल 1990 से 1994 तक गृह मंत्रालय में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी पद पर रहे। वे साल 2000 में पुलिस रिटायर हुए। किशोर कुणाल आईपीएस अधिकारी के तौर पर भी पहले से ही धार्मिक कार्यों में शामिल थे। रिटायरमेंट के बाद उन्हें केसडी संस्कृत यूनिवर्सिटी दरभंगा के कुलपति का पद मिला। साल 2004 तक उन्होंने यह पदभार संभाला। जिसके बाद बिहार राज्य धार्मिक न्या बोर्ड के प्रशासक बन गए। उन्होंने प्रचलित जातिवादी धार्मिक प्रथाओं में सुधार की भी शुरुआत की। देश में वीपी सिंह की सरकार के समय केंद्र सरकार ने कुणाल किशोर को विश्व हिंदू परिषद और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के बीच मध्यस्थता के लिए विशेष अधिकारी भी बनाया था।
