IGIMS Bed Increase: पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) की इमरजेंसी में अब मरीजों को असुविधा नहीं होगी। मरीजों को बेड उपलब्ध हो जाएंगे। इमरजेंसी मरीजों के लिए बहुत जल्द 100 अतिरिक्त बेड बढ़ जाएंगे। यह बेड निर्माणाधीन भवन में होंगे। तीन ब्लॉक के इस भवन में कुल 500 बेड होंगे। इसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। संभावना है की साल के अंत तक यह भवन बनकर तैयार हो जाएगा।
आईजीआईएमएस अस्पताल में बढ़ाए जा रहे बेड
भवन निर्माण कर रही कंपनी ने हाल में बैठक की थी। इसमें तय हुआ था फरवरी के पहले हफ्ते में एक ब्लॉक का काम पूरा कर अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिया जाएगा। संस्थान का स्थापना दिवस 12 फरवरी को है। ऐसे में इस दिन से पहले एक ब्लॉक का काम पूरा कर 100 बेड मरीजों के लिए उपलब्ध करा देना है।
शुरुआत में 100 बेड इमरजेंसी के लिए
इन नए बेड का इस्तेमाल शुरुआत में इमरजेंसी के लिए होगा। आईजीआईएमएस के इमरजेंसी में अभी 70 बेड हैं। 100 अतिरिक्त बेड बढ़ने के बाद अधिक मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा। इससे कम से कम मरीज दूसरे अस्पताल में रेफर किए जाएंगे। इसका लाभ मरीज एवं उनके परिजनों को मिलेगा। एक से दूसरे अस्पताल जाने की परेशानी खत्म हो जाएगी।
कोरोना काल में अस्पतालों में बढ़े थे बेड
कोरोना संक्रमण काल में अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाई गई थी। पटना मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (पीएमसीएच), नालंदा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (एनएमसीएच), आईजीआईएमएस में बेड की संख्या बढ़ाई गई थी। पीएमसीएच और एनएमसीएच में 110-110 बेड बढ़ाए गए थे। कोरोना संक्रमण थमने के बाद यह सभी बेड इस्तेमाल में हैं। इस साल पीएमसीएच में और बेड बढ़ने की संभावना है।
एम्स, पीएमसीएच के बाद आईजीआईएमएस में सबसे अधिक मरीज
बिहार में तीन सबसे बड़े अस्पताल हैं। पटना एम्स के बाद पीएमसीएच में सबसे अधिक मरीज आते हैं। गंभीर रोगों के इलाज के लिए यह दोनों अस्पताल सबसे बेहतर हैं। इनके बाद आईजीआईएमएस में मरीज आते हैं। यह अस्पताल काफी पुराना और व्यवस्थित है। यहां मरीजों को तमाम सेवाएं समय पर उपलब्ध हो जाती हैं। पटना के अलावा बिहार के कई जिलों के लोग आईजीआईएमएस में इलाज करवाने आते हैं। अस्पताल में डॉक्टरों औ पारामेडिकल स्टाफ की भी संख्या काफी अच्छी है। ऐसे में यहां मरीज दिनोंदिन बढ़ते ही जा रहे हैं।
