Patna Crime: बिहार में जहरीली शराब पीने से बीते दिसंबर माह में 31 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद से प्रशासन लगातार अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद शराब माफिया के हौसले बुलंद हैं। पूरे राज्य में जगह-जगह चोरी छिपे नकली शराब बनाकर बेची जा रही है। इससे राजधानी पटना भी अछूती नहीं है। सोमवार को पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के रामनगर में मद्यनिषेध विभाग की टीम ने एक शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। वाटर प्लांट के अंदर चल रहे इस फैक्ट्री में बोतल के अंदर शराब भरने के साथ अलग-अलग कंपनी के नाम के रैपर लगा कर पैक किया जा रहा था।
पटना में पकड़ी गई अवैध शराब की फैक्ट्री (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मद्यनिषेध विभाग की टीम ने फैक्ट्री के अंदर से भारी मात्रा में विभिन्न शराब कंपनी का रैपर, 2660 लीटर स्प्रिट, खाली बोतल, दर्जन भर वाहनों के नंबर प्लेट के साथ सैकड़ों बोतल पैक की गई शराब बरामद की हैं। इस छापेमारी में फैक्ट्री के अंदर से मुकेश कुमार और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। यह दोनों इस वाटर प्लांट के अंदर ही रहते थे। दानापुर एएसपी अभिनव धीमन ने बताया कि, मद्यनिषेध विभाग को सूचना मिली कि इस गांव में वाटर प्लांट की आड़ में शराब बनाई जा रही है। जिसके बाद यह छापेमार की कार्रवाई की गई। हालांकि इस कार्रवाई की भनक शराब माफिया को पहले ही लग गई था। इसलिए तस्कर बाकि का सामान लेकर वहां से फरार होने में सफल रहे।
पानी के जार में भरे गए थे स्प्रिट
इस फैक्ट्री के अंदर का नाजारा देखकर मद्यनिषेध विभाग और पुलिस की टीम दंग रह गई। यहां पर पानी के जार में स्प्रिट भरकर रखे गए थे। वहीं जूट के बोरों में भकर हजारों खाली बोलते रखी गई थी। यहां से विभिन्न शराब कंपनी के रैपर, स्टीकर सहित दो कार्टन भरी हुई शराब भी बरामद की गई। मौके से गिरफ्तार दोनों आरोपितों से पुलिस टीम पूछताछ करने में जुटी है। दानापुर एएसपी अभिनव धीमन ने बताया कि, रामनगर गांव में एक वाटर प्लांट में अवैध तरीके से अंग्रेजी शराब का निर्माण पकड़ा गया है। दो लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। शराब माफिया और बाकि लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जल्द ही बाकि लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
