Bihar News: बीते 23 अगस्त को पटना जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 10 से एक मासूम नवजात बच्चों की चोरी के मामले का रेल पुलिस ने खुलासा किया। बच्चे की मां द्वारा पटना जीआरपी थाने में सूचना देने के बाद रेल पुलिस पटना ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और टेक्निकल व मानवीय साक्ष्य के आधार पर नालंदा जिले के एकंगर सराय से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने एक अन्य बच्चे को भी बचाया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
पटना में बच्चा चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ (फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत)
अंतर्राज्यीय बच्चा चोरी गिरोह का पर्दाफाश
रेल डीआईजी राजीव मिश्रा ने बताया कि यह कोई साधारण मामला नहीं बल्कि अंतरराज्यीय बच्चा चोरी गिरोह का नेटवर्क है, जिसका पटना में भंडाफोड़ किया गया है। इस गिरोह में शामिल तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस फरार सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है, पुलिस का कहना है की जल्द गिरोह के सारे सदस्यों को पुलिस गिरफ्तार करेगी।
पूछताछ में सामने आए कई चौंका देने वाली बातें
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने अनुसार गिरोह निःसंतान दंपतियों से संपर्क करता था और मांग के आधार पर बच्चों की चोरी कर उन्हें बेच देता था। प्रति बच्चा दो से ढाई लाख रुपये में सौदा तय होता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नालंदा के एकंगरसराय निवासी संजीत विश्वकर्मा ने मुन्ना बिंद से दो लाख रुपये में बच्चे की डील की थी। इसके एवज में मुन्ना बिंद ने रंजीत को 60 हजार रुपये दिए। रंजीत ट्रेन पकड़कर कोटा गया और वहां एक महिला का विश्वास जीतकर मासूम को पटना जंक्शन से चुरा लाया।
पुलिस का मानना है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है। यह धंधा कई जिलों तक फैला हो सकते है। इस कांड के बाद रेलवे पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संगठित गिरोह के खिलाफ अभियान चलाकर जल्द ही शेष फरार सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं मासूम बच्चे को सुरक्षित मां को सुपुर्द कर दिया गया है।
