Nitish Kumar's 10 Oath as CM: JDU नेता नीतीश कुमार ने आज यानी गुरुवार 20 नवंबर 2025 को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश कुमार के नाम सबसे लंबे समय तक बिहार का मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड तो दर्ज हो ही चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था, जब उन्होंने राजनीति छोड़ने का मन बना लिया था। इस बारे में भी बात करें और साथ ही यह भी जानेंगे कि जब नीतीश कुमार कॉलेज में थे और वह नेवी की भर्ती के लिए गए तो उन्हें इंटरव्यू में किसने और क्यों 'पक्का नेता' कहा।
आज 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार
रसमंजरिया पार्टी के नेता
नीतीश कुमार को बख्तियारपुर से ही 10वीं के बाद साल 1967 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पटना भेज दिया। उन्होंने पटना के बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग अब NIT में एडमिशन लिया। यहीं से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। नीतीश कुमार और उनके दोस्तों की टोली को कॉलेज में रसमंजरिया पार्टी कहा जाता था।
छात्र आंदोलन की प्लानिंग
जिस समय नीतीश कुमार कॉलेज में पढ़ते थे, उस समय बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्रों को आने-जाने में दिक्कतें होती थीं। क्योंकि उस रूट पर बसें नहीं चलती थीं। नीतीश कुमार ने सरकार पर दबाव बनाने की प्लानिंग की। कुछ छात्रों ने एक सरकारी बस को रोका और फिर पुलिस को चकमा देकर उसे कॉलेज में ले गए। कुछ छात्रों ने बस को जलाने की भी कोशिश की, लेकिन नीतीश ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। देखते ही देखते नीतीश कुमार छात्र आंदोलन का केंद्र बन गए।
मुख्यमंत्री ने मानी छात्र नीतीश की बात
छात्रों का आंदोलन बढ़ने पर उस समय के मुख्यमंत्री केदार पांडेय ने छात्रों को मिलने के लिए बुलाया। नीतीश कुमार के नेतृत्व में कुछ छात्र उनसे मिलने गए और नीतीश ने इस तर से अपनी बात रखी कि मुख्यमंत्री ने छात्रों की बात मान ली। इस तरह से नीतीश कुमार अब कॉलेज के नेता बन गए। इसी दौरान वह संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से भी जुड़ गए। 1972 में नीतीश कुमार बिहार ने अभियंत्रण महाविद्यालय स्टूडेंट्स यूनियन नाम से एक यूनियन भी बनाई, नीतीश इसके पहले निर्विरोध अध्यक्ष भी चुने गए।
नेवी में भर्ती के लिए गए नीतीश कुमार
नीतीश कुमार अभी अपने कॉलेज के तीसरे साल में थे। घर में आय कम होने लगी थी और पिताजी की सेहत भी ढलती जा रही थी। नीतीश कुमार ने पटना आकर पैसे कमाने का फैसला कर लिया। इसी दौरान कॉलेज में नेवी की भर्ती परीक्षा हो रही थी। नीतीश कुमार ने भी इसमें भाग लिया और परीक्षा में पास हो गए और उन्हें फाइनल इंटरव्यू के लिए सिलेक्ट कर लिया गया।
जब नीतीश को कहा गया 'पक्का नेता'
परीक्षा में पास होने के बाद फिजिकल टेस्ट के लिए नीतीश कुमार को रुड़की बुलाया गया। इंटरव्यू भी हुआ। नेवी ऑफिसर ने नीतीश कुमार का इंटरव्यू लिया और जब इंटरव्यू खत्म होने के बाद नीतीश कुमार वहां से जाने लगे तो इंटरव्यू पैनल के चेयरमैन ने कहा, 'नौजवान, वैसे तो तुम सही दिखते हो, लेकिन हो पक्के नेता! फौज की नौकरी कैसे करोगे?'
बरखुरदार, तुम्हारी आत्मविश्वास से भरी चाल
ऑफिसर से यह बात सुनकर नीतीश कुमार चुप नहीं रह पाए। उन्होंने तुरंत पूछा, 'सर, आपने बिना बातचीत किए किस आधार पर मुझे नेता करार दिया?' इस प्रश्न के जवाब में चेयरमैन ने मुस्कुराते हुए कहा, 'बरखुरदार, तुम्हारी नेतागिरी का राज तुम्हारी आत्मविश्वास से भरी चाल खोल रही है।' नीतीश कुमार नेवी में भर्ती तो नहीं हुए, लेकिन आज वह बिहार के सबसे बड़े नेता हैं और 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।
