Who is Manjari Jaruhar: यूपीएससी के लाखों उम्मीदवार मई में होने वाली प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। हर साल नए-नए आईपीएस और आईएएस चुने जाते हैं और इनकी सफलता की कहानियां लोगों के सामने आती है। हमने कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की सफलता ऐसी कहानियां सुनी हैं, जो हमें हैरान कर देती हैं। लेकिन 19 साल की उम्र में शादी करने वाली और बिहार की पहली महिला आईपीएस बनने वाली इस महिला की कहानी बेहद खास है। मंजरी जरुहर ऐसी ही एक महिला हैं जिन्होंने अपनी उपलब्धि से हर बेटी के लिए मिसाल कायम की है।
मंजरी जरुहर (Facebook)
कौन हैं मंजरी जरुहर?
बिहार की पहली महिला अधिकारी मंजरी जरुहर अब सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। उनकी कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। मंजरी ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया कि कैसे वह आईपीएस बनीं और उन्हें इसकी प्रेरणा कहां से मिली। उनका कहना है कि अपने पूरे करियर में उन्होंने महिलाओं की दुर्दशा देखी है। मंजरी जरुहर ने कहा कि जब वह इस पितृसत्तात्मक समाज के सख्त रीति-रिवाजों की शिकार हुईं, तो इसका उन पर गहरा असर पड़ा। कम उम्र से ही समाज लड़कियों में एक अच्छी गृहिणी होने के साथ-साथ घरेलू कामों को निभाने की उम्मीदें करता है।
महिलाओं से उनकी शैक्षणिक सफलता के साथ-साथ घरेलू काम में कुशल होने की उम्मीद की जाती है। मंजरी की कहानी इसलिए खास है क्योंकि महज 19 साल की उम्मर में उनकी शादी हो गई। लेकिन शादी ज्यादा नहीं चली। शादी टूटने के बाद भी उन्होंने बिना किसी पर निर्भर हुए खुद को संभाला और कामयाबी की कहानी लिखी। उन्होंने पटना वीमेंस कॉलेज से अंग्रेजी में बीए (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की थी।
मंजरी जरुहर ने कहा कि उनके परिवार में कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी थे, जिनका काफी सम्मान किया जाता था और वे प्रतिष्ठित पदों पर थे। उनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने आईपीएस अधिकारी बनने की अपनी यात्रा शुरू की। वे दिल्ली आईं और एक कोचिंग संस्थान में कक्षाएं लेना शुरू किया।
1976 में सिविल सेवा प्रवेश परीक्षा पास की
उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और 1976 में मंजरी ने सिविल सेवा प्रवेश परीक्षा पास की। मंजरी जरुहर देश की पहली पांच महिला आईपीएस अधिकारियों में से एक थीं। उसी समय वह बिहार की पहली महिला आईपीएस अधिकारी भी बनीं। बिहार की पहली महिला आईपीएस मंजरी जरुहर ने रिटायर होने के बाद लिखना शुरू किया और 'मैडम सर' नाम से एक पुस्तक भी प्रकाशित की।
