Bihar News: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने दावा किया है कि सीएम नीतीश कुमार को साजिश के तहत विषैला पदार्थ खिलाया जा रहा है। ताकि CM की कुर्सी पर कोई दूसरा बैठ सके। स्पीकर को नीतीश कुमार को बोलने से रोकना चाहिए था। स्पीकर सत्ता पक्ष के इशारे पर काम कर रहे हैं। नीतीश कुमार के साथ स्पीकर भी दोषी है। वहीं जीतन राम मांझी ने आरक्षण के मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस पर कोई टीका टिप्पणी नहीं, हम समर्थन में हैं। नीतीश कुमार से सवाल था कितने दलितों को आरक्षण का फायदा मिला, आरक्षण से क्या फायदा मिला।
नीतीश कुमार पर बरसे पूर्व सीएम जीतन राम मांझी।
दलित विरोधी, महिला विरोधी है सत्ता पक्ष- मांझी
उन्होंने कहा कि महिलाओं के अपमान का मामला हो या आरक्षण में बैकलॉग का मामला हो सत्ता पक्ष महिला विरोधी दलित विरोधी है। हमलोगो को धरना से भी रोका गया। आज लड्डू बांटा गया। उसमे भी जहरीला पदार्थ हों सकता था। जीतन राम मांझी ने ऐलान किया कि सड़क से सदन तक आंदोलन होगा। राज्यपाल से पहले मिलेंगे, फिर राष्ट्रपति से भी मिलेंगे। वहीं नेता विपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि कल हम लोग राज्यपाल से मिलने जाएंगे। जब तक नीतीश और तेजस्वी इस्तीफा नहीं देते हैं, आंदोलन जारी रहेगा।
पीएम मोदी ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसंख्या नियंत्रण के संदर्भ में विधानसभा में की गई बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की टिप्पणी को लेकर बुधवार को उन पर निशाना साधा और कहा कि महिलाओं के प्रति इतने अनादर के बावजूद विपक्षी गुट ‘इंडिया’ के घटक दलों ने उनके खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना कहा कि कल ‘इंडी गठबंधन’ के बड़े नेताओं में से एक, जो ब्लॉक का झंडा ऊंचा रख रहे हैं, और वर्तमान सरकार (केंद्र में) को हटाने के लिए तरह-तरह के खेल खेल रहे हैं, उन्होंने माताओं-बहनों की उपस्थिति में राज्य विधानसभा में ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता... उन्हें इसके लिए शर्म तक महसूस नहीं हुई।
सीएम हिमंत ने नीतीश को दी इलाज कराने की सलाह
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 'बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो स्टेटमेंट दिया है महिलाओं को लेकर, वो बहुत ही दुखदायक है और पब्लिक प्लेटफॉर्म पर ऐसी चीजे बोलना बहुत ही पीड़ादायक है। लेकिन ये पहला मौका नहीं है, लगातार एक साल के भीतर नीतीश कुमार जी ऐसे बयान दे रहे हैं उससे आपको लगेगा कि उन्होंने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। ये एक प्रकार से बीमार माने जाते हैं और हर किसी व्यक्ति के साथ ऐसा हो सकता है, मैं इसे बहुत ज्यादा अस्वभानिक नहीं बताऊंगा।' उन्होंने नीतीश की चुटकी लेते हुए आगे कहा कि ऐसे दौर से लोग गुजरते हैं, कभी-कभी मेंटल ब्रेकडाउन हो जाता है, ट्रीटमेंट (इलाज) की जरूरत होती है, रेस्ट (आराम) की जरूरत होती है और मेरी ये जेडीयू के लोगों और लीडरशिप से ये विनती है कि आप लोग नीतीश कुमार जी को थोड़ा सा रेस्ट दीजिए और उनका जो भी इलाज होना चाहिए, वो करवाइए। चीफ मिनिस्टर की जो कुर्सी है, वो काफी सेंसिटिव है, बहुत सारा निर्णय लेना पड़ा है।
नीतीश कुमार ने अपने बयान पर मांगी माफी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनसंख्या को नियंत्रित करने में महिला शिक्षा के महत्व से जुड़ी अपनी टिप्पणी के लिए बुधवार को विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ इसके बाहर भी माफी मांगी। विधानसभा परिसर में नीतीश के पहुंचने पर भाजपा विधायक ने हाथों में तख्तियां लेकर उनके बयानों की निंदा की और उनके इस्तीफे की भी मांग की। राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहने वाले नीतीश कुछ कुछ मिनटों के लिए प्रवेश द्वार पर खड़े रहे, फिर पास में बने एक अस्थायी मंच की ओर बढ़ गए जहां सदन के सत्र के दौरान नेता पत्रकारों को संबोधित करते हैं। पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने कहा, 'मुझे आज पता चला है कि मैंने जो कुछ कहा था वह कई लोगों को पसंद नहीं आया। मेरा इरादा महिला सशक्तीकरण पर मेरी सरकार के जोर और जनसंख्या नियंत्रण में महिलाओं के बीच साक्षरता में सुधार की भूमिका को उजागर करना था। हालांकि, अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं माफी मांगता हूं और अपने शब्द वापस लेता हूं।'
