Sanjay Yadav : बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को मिली भीषण हार को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं का असंतोष बाहर आने लगा है। बुधवार को राजद कार्यकर्ताओं ने पटना में प्रदेश कार्यालय बाहर राज्यसभा सांसद संजय यादव और एमएलसी सुनील सिंह के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और उनका पुतला दहन किया। राजद कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिहार को बिहारी लोगों के द्वारा चलाया जाना चाहिए न कि पार्टी में हरियाणा के लोगों का दखल और उनका बोलबाला होना चाहिए। संजय यादव राजद नेता तेजस्वी यादव के करीबी हैं।
पटना में राजद कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन। तस्वीर-टाइम्स नाउ नवभारत
राजद में संजय यादव का दखल
कहा जाता है कि पार्टी के अंदरूनी मामलों में उनकी दखल बहुत ज्यादा है और इसी से नाराज होकर तेज प्रताप यादव पार्टी और लालू परिवार से अलग हुए। जानकारों का कहना है कि बिहार चुनाव में भी टिकट वितरण से लेकर पार्टी की गतिविधियों में संजय यादव की खूब चली है। अब पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का गुस्सा धीरे-धीरे सामने आ रहा है।
संजय यादव पर फोड़ा हार का ठीकरा
संजय यादव के खिलाफ राजद कार्यकर्ताओं का असंतोष बढ़ता जा रहा है। बीते सोमवार को भी पार्टी के नाराज कार्यकर्ताओं ने पटना में लालू यादव और राबड़ी देवी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यसभा सांसद और तेजस्वी यादव के करीबी सलाहकार संजय यादव पर पार्टी की चुनावी हार का ठीकरा फोड़ा। राजद कार्यकर्ताओं की नाराजगी ऐसे समय खुलकर सामने आई है जब लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर पार्टी में नाराजगी पहले से है।
सजंय को वापस हरियाणा भेजने की मांग
राजद कार्यकर्ता संजय यादव को वापस हरियाणा भेजने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि संजय यादव मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं और लंबे समय से तेजस्वी यादव के करीबी हैं। उन्हें आरजेडी का 'चाणक्य' कहा जाता है। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद संजय पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गए हैं।
