Patna: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव जैसे इलाकों में आसपास के निचले क्षेत्रों में पानी फैलने लगा है। दियारा क्षेत्र में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है, अब बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है।
बिहार में बाढ़ का बढ़ा खतरा (फाइल फोटो)
पिछले साल से अधिक बढ़ा पानी
पिछले साल की तुलना में इस बार गंगा नदी का जलस्तर पांच मीटर तक अधिक दर्ज किया गया है। केवल पटना में ही गंगा इस समय दो मीटर ऊपर बह रही है। पटना के दीघा घाट पर जलस्तर 46.13 मीटर है, जबकि 2024 में यह 44.11 मीटर था। इसी तरह गांधीघाट पर यह 45.11 मीटर (2025) और 44.04 मीटर (2024) दर्ज किया गया। पटना में गंगा का जलस्तर हर घंटे दो सेंटीमीटर की दर से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में दीघा घाट पर जलस्तर 52 सेंटीमीटर तक बढ़ चुका है।
नेपाल में बारिश से नदियों में बढ़ा जलस्तर
नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा नदियों के जलस्तर में भी तेजी देखी जा रही है। गंडक नदी फिलहाल गोपालगंज में चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है, जबकि कोसी सुपौल में चेतावनी के करीब पहुंच चुकी है।
प्रशासन ने शुरू की तैयारी
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट मोड में आकर बचाव कार्यों की तैयारी शुरू कर दी है। जल संसाधन विभाग को मुख्यमंत्री की ओर से निर्देश मिलने के बाद, नदी के जलस्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल गंगा खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन बढ़ती रफ्तार को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। दियारा और अन्य निचले इलाकों में तैनात टीमें लोगों को सतर्क कर रही हैं और जरूरत के हिसाब से की योजनाएं भी बनाई जा रही हैं।
