बिहार में रोहतास जिले के आतिमी गांव में सोन नदी पर पुल के खंभे और स्लैब के बीच फंसे 11 साल के एक बच्चे को 20 घंटे बाद बाहर तो निकाल लिया गया लेकिन अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गयी। अधिकारियों ने बताया कि रोहतास जिले में मानसिक रूप से कमजोर 11 वर्षीय रंजन कुमार सोन नदी पर बने पुल के एक हिस्से में फंस गया और उसे स्लैब को काटकर वहां से निकाला गया।
रोहतास में एक बच्चा पुल के पिलर में फंसा हुआ है
सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के एन तिवारी ने कहा, 'लड़के को सदर अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों ने जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।'
रंजन बुधवार को नासरीगंज-दाउदनगर पुल पर फंस गया था।उसके पिता शत्रुघ्न प्रसाद ने स्थानीय अधिकारियों को बताया था कि मानसिक रूप से कमजोर उनका बेटा रंजन दो दिन पहले गायब हो गया था और बाद में एक महिला ने बच्चे को वहां फंसा देखा।
इससे पहले, नासरीगंज के प्रखंड विकास अधिकारी जफर इमाम ने कहा था, 'यह घटना कल घटी। लड़का नासरीगंज-दाउदनगर पुल पुल के खंभे और स्लैब के बीच फंस गया।' उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल के विशेषज्ञ दल को तत्काल बुलाया गया जो ' कल शाम से बचाव अभियान में लगा हुआ है।' उन्होंने कहा था कि फंसे हुए बच्चे को पाइप की मदद से ऑक्सीजन प्रदान की गयी।
क्या है मामला जरा समझ लें
बिहार के रोहतास में एक 12 साल का बच्चा रंजन कुमार पिछले दो दिन से लापता था, जब बच्चा घर नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाशी करने लगे। इस दौरान एक महिला ने पुल के पास से रोते हुए बच्चे की आवाज सुनी तो उसके बाद ये मामला सुर्खियों में आया। इसके बाद परिजनों को बच्चे के बारे में जानकारी हुई।
बच्चे को बांस से खाना दिया गया है
बच्चा पुल के पिलर में फंसा हुआ था और गैप से वो बच्चा दिख रहा था, इस दौरान बच्चे की भूख को देखते हुए उसको बांस से खाना दिया गया वहीं उसे सांस लेने में दिक्कत ना हो इसके लिए पाइप के सहारे ऑक्सीजन पहुंचाई गई।
NDRF ने संभाला मोर्चा
मामला नासरीगंज दाऊदनगर में स्थित सोन पुल का है। यहां 11 साल का बच्चा रंजन बुधवार सुबह से घर से गायब था, गुरुवार सुबह फिर से बच्चे को बचाने के लिए ऑपरेशन चलाया गया, इसके साथ ही रेस्क्यू टीम पुल को ऊपर से तोड़कर बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की गई।
