हाल ही में GST सुधारों की घोषणा की गई है। 22 सितंबर से GST 2.0 के लागू होने की तिथि तो पहले ही घोषित कर दी गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 21 सितंबर की शाम देश के नाम संबोधन में जीएसटी सुधार का औपचारिक ऐलान किया। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में ‘GST बचत उत्सव’ की शुरुआत भी कर दी है। यह अभियान 29 सितंबर तक बाजारों में पदयात्राओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के तौर पर चलेगा, 15 अक्टूबर तक इसे प्रचार महाअभियान के तौर पर विस्तार दिया जाएगा।
देशभर में बचत उत्सव मना रही भाजपा
भाजपा का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आम जनता तक जीएसटी दरों में कमी और इसके लाभों को पहुंचाना है। सांसदों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजारों में जाकर दुकानदारों से मुलाकात करें, उन्हें फूल भेंट करें और 'गर्व से कहो, यह स्वदेशी है' बोर्ड भेंट करें।
बिहार में विशेष रणनीति
गौरतलब है कि बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) होने हैं। बीजेपी इस अभियान में बिहार पर खास ध्यान दे रही है। राज्य संयोजक संजीव चौरसिया और उनकी टीम गांवों और मोहल्लों में जाकर गरीब तबकों तक जीएसटी सुधारों का संदेश पहुंचा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 34.13 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन कर रहे हैं। पार्टी का मानना है कि इस वर्ग तक पहुंचना ही 'गरीब कल्याण' की छवि को और मजबूत करेगा।
चौरसिया के साथ राज्य के सह- संयोजक सुरेश रुंगटा, अमृता भूषण, सांसद मनन मिश्रा और नितिन अभिषेक जैसे नेता अभियान में शामिल हैं। वहीं, भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान भी इस अभियान को समर्थन दे रहे हैं।
राष्ट्रीय टीम की निगरानी
इस अभियान की कमान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने अपने हाथों में ली है। केंद्रीय टीम में तरुण चुघ, प्रवीण खंडेलवाल, विजय कुमार गुप्ता, डॉ. भगवत कराड, सुमन रावत भारद्वाज, सी.टी. रवि, सतीश पूनिया, डॉ. कसम वेंकटेश्वरलु और प्रीति गांधी को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विपक्ष का हमला
इधर केंद्र में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस पहल पर सवाल खड़े कर रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री हर सरकारी कार्यक्रम को 'इवेंट' में बदल देते हैं। उनका आरोप है कि जिन टैक्सों को मोदी सरकार ने आठ साल पहले लगाया था, अब उन्हीं में कटौती करके 'बचत उत्सव' का माहौल बनाया जा रहा है।
भाजपा का भरोसा
उधर बीजेपी को उम्मीद है कि यह महाअभियान न सिर्फ जनता को जीएसटी सुधारों की जानकारी देगा बल्कि विपक्ष के आरोपों का जवाब भी बनेगा। पार्टी का दावा है कि इस पहल से 'स्वदेशी आंदोलन' को बल मिलेगा और चुनावी राज्य बिहार में संगठन को नई मजबूती भी मिलेगी।
