भभुआ : जिले के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी से मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिला भंडार कक्ष से दवाएं अस्पतालों में पहुंचाई जा रही हैं, लेकिन काउंटर पर समय पर नहीं पहुंचने के कारण मरीजों को आवश्यक दवाएं नहीं मिल रही हैं। सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल मोहनियां, और रामगढ़ रेफरल अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में कई आवश्यक दवाएं अनुपलब्ध हैं। गरीब मरीजों को महंगे दामों पर दवाएं खरीदने में कठिनाई हो रही है, जिससे उनका इलाज प्रभावित हो रहा है।
भभुआ सदर अस्पताल (फाइल फोटो)
ओपीडी काउंटर पर 160 प्रकार की दवाएं उपलब्ध
हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक, सदर अस्पताल के ओपीडी काउंटर पर 160 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं, जबकि 185 प्रकार की दवाएं होनी चाहिए। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में दवाओं की मांग बढ़ रही है। पिछले जनवरी में बीएमएसआईसीएल से 450 प्रकार की दवाएं मांगी गई थीं, जो अप्रैल से जून तक भेजी जा रही हैं। हालांकि, दवाओं की आपूर्ति में देरी हो रही है। सदर अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज स्वास्थ्य जांच के लिए आ रहे हैं, जिनमें सर्दी, खांसी, बुखार, और डायरिया के मरीज शामिल हैं। अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे दवाओं को समय पर अपने अस्पतालों में ले जाएं।
