Bihar Aaj Aur kal ka Mausam kaisa Rahega: बिहार में पिछले कुछ दिनों से मौसम बिगड़ा हुआ है। इस दौरान बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। यह बेमौसम बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। इस कारण बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान हुआ है। आज भी कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
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बिहार में इन जगहों पर जारी अलर्ट
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज सुबह 11:40 बजे तक बिहार के कई इलाकों में बिजली गिरने, बादल गरजने और 40 से 60 किमी प्रति घंट की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें जोकीहाट, कोचाधामिन, पालासी, बहादुरगंज, तेढ़ागाछ, दीघलबैंक, अमौर, बैसा, किशनगंज, अररिया, पोठिया, सिकटी और ठाकुगंज शामिल हैं।
आज बिहार में कैसा रहेगा तापमान
आईएमडी के अनुसार बिहार में आज अधिकतम तापमान 32 से 38 डिग्री के बीच रह सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। बिहार में अगले पांच दिनों के दौरान अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी अगले 5 दिनों में कोई बड़ा बदलाव होने के आसार नहीं है।
आने वाले दिनों में बिहार का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार बिहार में 14 से 18 अप्रैल तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। 14 अप्रैल को प्रदेश के दक्षिण और उत्तर-पूर्व हिस्सों में मेघगर्जन और वज्रपात का अलर्ट है। साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं 15 और 16 अप्रैल को बिहार के उत्तर पूर्व, दक्षिणपूर्व हिस्सों में बिजली गिरने, बादल गरजने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवाओं की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है।
चिराग पासवान ने किसानों के लिए मुआवजे की मांग की
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार सरकार से आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से ‘बड़े पैमाने पर’ फसलों को हुए नुकसान को ‘राज्य आपदा’ घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने कई जिलों में प्रभावित किसानों के लिए ‘पर्याप्त’ मुआवजे की भी मांग की है। चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि ‘‘पिछले दो दिनों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से राज्य के कई जिलों में गेहूं और अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान परेशान हैं। इस घटना को राज्य आपदा घोषित किया जाना चाहिए और फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए।’’
