12 में से 4 दस्तावेज ही नहीं, फिर कैसे साबित करें नागरिकता? तेलंगाना SIR को लेकर ओवैसी का ECI से सवाल

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया ओवैसी ने कहा कि 12 में से चार दस्तावेज प्रभावी रूप से अनुपलब्ध हैं, जिससे मतदाताओं के पास केवल आठ विकल्प बचते हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पैन कार्ड को भी मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने की मांग की।

हैदराबाद : एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने तेलंगाना में शुरू हुई निर्वाचन आयोग (EC) की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सत्यापन के लिए निर्धारित 12 दस्तावेजों में से चार ऐसे हैं, जो या तो तेलंगाना में उपलब्ध ही नहीं हैं या राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में उनका कोई अस्तित्व नहीं है। गुरुवार को असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जिन मतदाताओं या उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम साल 2002 की मतदाता सूची में नहीं हैं, उन्हें अपनी पहचान और पात्रता साबित करने के लिए 12 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वीकार्य दस्तावेजों में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) भी शामिल है, जबकि तेलंगाना में कभी NRC लागू ही नहीं किया गया। इसी तरह स्थायी निवास प्रमाणपत्र (Permanent Residency Certificate) राज्य में जारी नहीं किया जाता और परिवार रजिस्टर (Family Register) की व्यवस्था भी तेलंगाना में मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को अकेले वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं किया जा रहा है।

AIMIM President Asaduddin Owaisi on SIR

एआईएमआईएम प्रमुख सांसद असदुद्दीन ओवैसी (फोटो-ANI)

आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया ओवैसी ने कहा कि 12 में से चार दस्तावेज प्रभावी रूप से अनुपलब्ध हैं, जिससे मतदाताओं के पास केवल आठ विकल्प बचते हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पैन कार्ड को भी मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने की मांग की। उनका तर्क था कि जब राज्य सरकार द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा कार्ड के आधार पर मतदान का अधिकार मिल सकता है, तो पैन कार्ड को भी मान्यता दी जानी चाहिए। हालांकि आयोग ने इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया।

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