ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की आहट? गुजरात के बाद राजस्थान में सेना की बड़ी हलचल; पाकिस्तान की बढ़ गई टेंशन

अभ्यास के दौरान सेना प्रमुख ने मैदान में मौजूद जवानों से बातचीत की और उनके प्रशिक्षण स्तर, पेशेवर दक्षता और ऑपरेशनल तैयारियों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सेना किसी भी जटिल मिशन को कम समय में, उच्च समन्वय और पूरी सटीकता के साथ अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

गुजरात में हालिया सैन्य गतिविधियों के बाद अब राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना की बढ़ी हुई मौजूदगी ने रणनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। दक्षिणी कमान के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने पोखरण पहुंचकर ‘एक्सरसाइज रुद्र शक्ति’ का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। यह अभ्यास सामान्य सैन्य ड्रिल से कहीं आगे माना जा रहा है, क्योंकि इसमें लाइव फायरिंग के साथ सेना की संयुक्त युद्ध क्षमताओं को परखा गया।

Rudra Shakti military drill Practice in Pokhran Rajasthan

राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में सेना की बढ़ी हलचल

त्याधुनिक हेलिकॉप्टर, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम का परीक्षण

पोखरण की रेगिस्तानी परिस्थितियों में हुए इस अभ्यास के दौरान थलसेना की विभिन्न इकाइयों ने एक साथ समन्वित ऑपरेशन्स का प्रदर्शन किया। मैकेनाइज़्ड फोर्स, आर्टिलरी, एयर डिफेंस यूनिट्स, आर्मी एविएशन के अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम के जरिए यह दिखाया गया कि भारतीय सेना बदलते युद्धक्षेत्र में कितनी तेज़ी और सटीकता से कार्रवाई करने में सक्षम है। यह अभ्यास पहले हुए ‘एक्सरसाइज अखंड प्रहार’ की अगली कड़ी बताया जा रहा है, जिसमें रेगिस्तानी सेक्टर में नई ऑपरेशनल अवधारणाओं को परखा गया था।

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