Odisha Bear Attack: ओडिशा के बालासोर जिले से साहस की एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई है, जिसने लोगों को हैरत में डाल दिया है। नीलगिरी क्षेत्र में नौवीं कक्षा के एक छात्र ने असाधारण हिम्मत दिखाते हुए दो आक्रामक भालुओं का डटकर सामना किया और आखिरकार उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। यह घटना नीलगिरी पुलिस थाना क्षेत्र के पोदाशुला गांव की बताई जा रही है।
ओडिशा के किशोर ने भालुओं से लड़ते हुए अद्भुत साहस दिखाया
13 वर्षीय प्रभात पास के एक गांव से शाम के समय अपने घर लौट रहा था। रास्ते में घनी झाड़ियों के पीछे पहले से छिपे दो भालू घात लगाए बैठे थे। जैसे ही प्रभात वहां से गुजरा, दोनों भालुओं ने अचानक उस पर हमला कर दिया। प्रभात के अनुसार, उसने खुद को बचाने के लिए करीब दो से तीन मिनट तक भालुओं से संघर्ष किया। अपनी सूझबूझ और साहस के बल पर उसने हालात को संभाला और भालुओं को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
भालुओं के साथ आमना-सामना
प्रभात ने बताया कि हमला इतनी तेजी से हुआ कि उसे संभलने का मौका भी नहीं मिल पाया। इसके बावजूद वह घबराया नहीं और हिम्मत से काम लिया। करीब चार मिनट तक उसका और भालुओं का आमना-सामना चलता रहा। हाथ में कोई हथियार न होने के बावजूद प्रभात लगातार संघर्ष करता रहा, अंततः भालू वहां से भाग खड़े हुए। इस खौफनाक भिड़ंत में प्रभात को गंभीर चोटें आई हैं। उसे तुरंत नीलगिरी उपमंडल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
जंगली जानवरों की घटनाओं में बढ़ोतरी
डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत नाजुक जरूर है, लेकिन अब वह खतरे से बाहर है। ओडिशा में जंगली जानवरों के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भोजन की कमी के चलते वन्य जीव गांवों की ओर आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। प्रभात की इस अदम्य साहस की तुलना कटक के उस युवक से की जा रही है, जिसने कुछ समय पहले एक बाघ का सामना कर सभी को चौंका दिया था।
