Traffic Jam Noida News: गुड़गांव या कहें गुरुग्राम तो भयंकर जाम के लिए यूं ही बदनाम है। गुरुग्राम तो तो सिर्फ बारिश में ही जाम विकराल रूप लेता है, वो भी तब जब वहां की सड़कों पर काफी ज्यादा पानी जमा हो जाता है। अगर आप ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) में रहते हैं तो आपको पता होगा कि चारमूर्ति से पर्थला चौक तक लगने वाला जाम ही असली जाम है। बिना बारिश ही इस करीब ढाई किलोमीटर के स्ट्रैच को पार करने में 40-50 मिनट लग जाते हैं, बारिश हो जाए तो फिर कहने ही क्या? अगर आप कभी इस जाम में नहीं फंसे हैं तो हो ही नहीं सकता कि आप ग्रेटर नोएडा वेस्ट कभी गए हों। फिर भी आज हमारी इस रिपोर्ट से आप यहां लगने वाले जाम से अच्छी तरह वाकिफ हो जाएंगे, क्योंकि मैं स्वयं रोज इस जाम को झेलते हुए ऑफिस तक पहुंचता हूं। यहां लगने वाले जाम में फंसने के बाद कभी-कभी तो लगता है कि सुबह से शाम यहीं हो जाएगी। कई बार नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट लेने के अपने फैसले पर अफसोस भी होता है।
चारमूर्ति से पर्थला ब्रिज तक रोज लगता है भीषण ट्रैफिक जाम
एक्सप्रेसवे जैसी चौड़ी सड़क और भीषण जाम
ऐसा नहीं है नोएडा एक्सटेंशन और नोएडा के पर्थला सिग्नेचर ब्रिज को जोड़ने वाली लगभग ढाई किमी की सड़क की चौड़ाई कम है। देश के कई NH अब भी 6 लेन के हैं, जिनमें तीन लेन आने और तीन लेन जाने की होती हैं। चार मूर्ति से पर्थला सिग्नेचर ब्रिज तक पूरी सड़क तीन लेन और कहीं-कहीं पर चार लेन की भी है। इसके अलावा दोनों तरफ दो-दो सर्विस लेन भी हैं। इसके बावजूद सुबह के समय पर्थला ब्रिज तक आने में और शाम के समय पर्थला से चार मूर्ति तक जाने में 40-50 मिनट का समय मामूली बात है। सही मायनों में यहां ट्रैफिक रेंग भी नहीं पाता। यहां ट्रैफिक ठीक वैसे ही चलता है जैसे कोई बहुत बुजुर्ग व्यक्ति दो कदम चलकर रुक जाता है, उसी तरह ठिठक-ठिठक कर गाड़ियां इस रूट पर आगे बढ़ती हैं।
थककर पहुंच रहे ऑफिस
इस पूरे हिस्से में ट्रैफिक जाम का आलम ये है कि घर से निकलने के बाद लगभग 1 घंटा चारमूर्ति और पर्थला के बीच लग जाता है। इस तरह घर से फिल्म सिटी में दफ्तर तक पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटा लग जाता है। यह डेढ़ घंटे का समय वह समय है, जो प्रोडक्टिव हो सकता था। जिसमें पूरी ऊर्जा के साथ बेहतर काम किया जा सकता था। लेकिन ट्रैफिक जाम में फंस-फंसकर, थककर चूर होकर दफ्तर पहुंचना पड़ता है, जिससे प्रोडक्टिविटी पर भी असर पड़ता है। फ्रस्ट्रेशन का आलम तो यह होता है कि हल्की सी गाड़ी टच हो जाने पर लोग गुस्से से आग बबूला हो जाते हैं।
हिंडन ब्रिज पर रिपेयरिंग के चलते भी जाम
नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाला हिंडन ब्रिज करीब 30 साल पुराना है। इस ब्रिज के रिपेयरिंग का काम 10 जून को शुरू हुआ था। तब कहा गया था कि रिपेयरिंग का काम 45 दिन में पूरा हो जाएगा। ब्रिज में दोनों तरफ पुरानी बिटुमिन लेयर को उखाड़कर नई लेयर बिछाने का काम किया जा रहा है। इस रिपेयरिंग के काम के कारण हिंडन ब्रिज पर गाड़ियों की रफ्तार कम हो जाती है। 45 दिन की डेडलाइन के अनुसार यह काम 26-27 जुलाई तक पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन यह काम अब भी पूरा नहीं हुआ है। अब जबकि डेडलाइन को बीते भी लगभग 40 दिन बीत गए हैं।
ढाई किलोमीटर के इस जाम में कितना खर्च?
मोटे-मोटे आकलन के अनुसार इस पूरे स्ट्रैच में करीब 1550 गाड़ियां एक समय में जाम के बीच हो सकती हैं। इस तरह से उनकी औसत रफ्तार करीब 3 किमी प्रति घंटे की रहेगी। हर गाड़ी इस दौरान 750 एमएल भी ज्यादा पेट्रोल की खपत करेगी तो इस दौरान प्रति घंटा औसतन 1,386 लीटर पेट्रोल की बर्बादी होगी। यानी एक घंटे में लगभग 1.42 लाख रुपये का पेट्रोल चारमूर्ति से पर्थला फ्लाइओवर के बीच सिर्फ ट्रैफिक जाम के कारण बर्बाद होता है। हालांकि, यह सिर्फ एक आकलन है, इसमें दोपहिया वाहनों और अन्य डीजल वाहनों की गणना नहीं की गई है।
DCP ट्रैफिक ने जायजा लिया फिर भी कम नहीं हुआ जाम
हाल ही में रविवार 16 अगस्त को डीसीपी ट्रैफिक अभय कुमार मिश्रा ने यहां ट्रैफिक पोस्ट का निरीक्षण किया और सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ ही स्थानीय निवासियों के साथ भी बैठक की। इसमें उन्होंने रोजाना लगने वाले जाम, ट्रैफिक दबाव और लोगों की परेशानियों पर सुझाव भी लिए। लेकिन DCP के जायजा लेने के बाद 15 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है, इसके बावजूद चार मूर्ति और पर्थला चौक के बीच सुबह-शाम लगने वाले जाम की समस्या रत्तीभर कम नहीं हुई। इसके अलावा शनिवार-रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट में इटेड़ा गोलचक्कर से गौर सिटी मॉल तक सर्विस रोड भी भयंकर जाम से हांफ जाती है।
चोक प्वाइंट्स का किया गया सर्वे
इस इलाके में लगने वाले भीषण जाम की समस्या सुलझाने की कोशिश अच्छी पहल है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर प्रफुल्ल श्रीवास्तव के साथ स्थानीय लोगों ने चार मूर्ति चौक से पर्थला तक, गौर सिटी-2 और कई अन्य चोक प्वाइंट का सर्वे किया। टीम ने यहां वाहनों की आवाजाही, जाम वाले हिस्सों और ट्रैफिक दबाव की स्थिति को देखा। लोगों ने उन्हें अलग-अलग प्वाइंट्स पर आ रही दिक्कतों के बारे में जानकारी दी।
पर्थला सिग्नेचर ब्रिज निर्माण के दौरान लगता था कि यह काम पूरा हो जाएगा तो ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। फिर चार मूर्ति चौक पर अंडरपास का काम शुरू हो गया और लगने लगा कि इसका निर्माण कार्य पूरा होने से ट्रैफिक में राहत मिलेगी। हालांकि, अभी अंडरपास शुरू नहीं हुआ है, लेकिन अब हालात को देखते हुए नहीं लगता कि इस अंडरपास के खुल जाने से पर्थला-चारमूर्ति जाम पर कोई असर पड़ेगा। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को एक ऐसा प्लान बनाना होगा, जिससे लोगों को ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिले।
