युवराज की मौत: 2021 से सैटेलाइट इमेज में दिखाई दे रहा है पानी से भरा जानलेवा गड्ढा, लेकिन सोते रहे अधिकारी

कुछ दिन पहले उसी स्थान पर एक ट्रक भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, हालांकि चालक बच गया था। स्थानीय लोगों ने स्थानीय अधिकारियों पर उस स्थान पर बैरिकेड्स और चेतावनी के संकेत लगाने में विफल रहने का आरोप लगाया। पहले की घटना में घायल हुए ट्रक चालक गुरविंदर सिंह ने कहा कि दुर्घटना 2 जनवरी की रात घने कोहरे के बीच हुई और बचाव किए जाने से पहले वह लगभग चार घंटे तक उसी जगह पर फंसा रहा।

गूगल अर्थ पर सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि सेक्टर 150 के उस प्लॉट पर 2021 के अंत से एक बड़ा जलाशय दिखने लगा था, जहां एक कार दुर्घटना के बाद 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत हो गई थी। आसपास सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास के बावजूद खुदाई तीन साल से अधिक समय तक जलमग्न और असुरक्षित रही। गुरुग्राम से घर लौट रहे 27 वर्षीय युवराज मेहता 17 जनवरी को लगभग 12.15 बजे दुर्घटना का शिकार हो गए, जब उनकी कार सड़क किनारे नाले से टूटकर स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर 2 के प्लॉट ए-3 पर बने गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई।

Yuvraj death

युवराज की मौत से उठे अधिकारियों पर सवाल

कुछ दिन पहले ट्रक भी हुआ था हादसे का शिकार

कुछ दिन पहले उसी स्थान पर एक ट्रक भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, हालांकि चालक बच गया था। स्थानीय लोगों ने स्थानीय अधिकारियों पर उस स्थान पर बैरिकेड्स और चेतावनी के संकेत लगाने में विफल रहने का आरोप लगाया। पहले की घटना में घायल हुए ट्रक चालक गुरविंदर सिंह ने कहा कि दुर्घटना 2 जनवरी की रात घने कोहरे के बीच हुई और बचाव किए जाने से पहले वह लगभग चार घंटे तक उसी जगह पर फंसा रहा। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए सिंह ने कहा कि उसे अंदरूनी चोटें आई हैं, जिसके कारण उन्हें बोलने में कठिनाई होती है। उने कहा कि दो पुलिसकर्मी घंटों बाद मौके पर पहुंचे और उसे बचाया।

End of Feed