नोएडा और ग्रेटर नोएडा (Noida And Greater Noida) में अब एंबुलेंस को ट्रैफिक के बीच रास्ता मिलने में पहले से ज्यादा आसानी होगी। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने एंबुलेंस को बिना रुकावट अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 'ऑपरेशन FAST' शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल का मकसद सड़क पर ट्रैफिक के कारण होने वाली देरी को कम करना और गंभीर मरीजों की जान बचाना है। यह नई व्यवस्था 1 नवंबर से लागू होगी। इस सिस्टम के तहत जैसे ही किसी एंबुलेंस के आने की सूचना ट्रैफिक पुलिस को मिलेगी, उसके रास्ते में पड़ने वाले ट्रैफिक सिग्नल को जरूरत के हिसाब से नियंत्रित किया जाएगा। इससे एंबुलेंस को रास्ता मिल सकेगा और वह कम समय में मरीज को अस्पताल पहुंचा पाएगी।
नोएडा पुलिस 1 नवंबर से 'ऑपरेशन FAST' शुरू करेगी। (Times Now Navbharat)
क्या है ऑपरेशन FAST?
ऑपरेशन FAST एक खास ट्रैफिक क्लियरेंस सिस्टम है। इसे आपातकालीन एंबुलेंस, ट्रॉमा के मरीजों और सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद के लिए तैयार किया गया है। अक्सर देखा जाता है कि ट्रैफिक जाम या लाल बत्ती के कारण एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचने में काफी समय लग जाता है। कई बार कुछ मिनटों की देरी भी मरीज के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने यह व्यवस्था तैयार की है। एंबुलेंस की जानकारी मिलते ही ट्रैफिक टीम उसके रास्ते को साफ कराने और सिग्नल को नियंत्रित करने में मदद करेगी।
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72 अस्पतालों के साथ पुलिस ने की बैठक
इस पहल को सफल बनाने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने एंबुलेंस सेवा देने वाले 72 अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है। इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ-साथ एंबुलेंस सेवा देने वाली संस्थाओं और आपातकालीन डिस्पैच केंद्रों को भी जोड़ा गया है। 108 एंबुलेंस सेवा को भी इस व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस पूरी व्यवस्था को चलाने के लिए 24 घंटे काम करने वाला एंबुलेंस ट्रैफिक सेल बनाया जाएगा। यानी दिन हो या रात, आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को रास्ता दिलाने के लिए टीम उपलब्ध रहेगी।
जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर
ऑपरेशन FAST के तहत गौतमबुद्ध नगर पुलिस (Gautam Buddha Nagar Police) ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। जरूरत पड़ने पर लोग 9218891716 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम और इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम की मदद से भी एंबुलेंस को रास्ता दिलाने और संबंधित टीमों तक सूचना पहुंचाने का काम किया जाएगा।
मृत्यु दर कम करना है मकसद
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना और इलाज में होने वाली देरी को कम करना है। पुलिस कमिश्नरेट जीरो मॉर्टेलिटी रेट यानी सड़क हादसों और आपातकालीन स्थितियों में मौतों की संख्या को कम करने की दिशा में काम कर रहा है। कुल मिलाकर, ऑपरेशन FAST नोएडा की ट्रैफिक व्यवस्था में एक अहम बदलाव साबित हो सकता है। अगर यह सिस्टम सही तरीके से काम करता है, तो ट्रैफिक में फंसी एंबुलेंस को समय पर रास्ता मिलेगा और कई लोगों की जान बचाने में मदद मिल सकती है।
