Noida News: नोएडा की सोसाइटियों में बेसमेंट में पानी जमा होने की परेशानी भले नई ना हो लेकिन ये खतरनाक जरूर है। बेसमेंट में रिस कर जाते पानी से बिल्डिंग के पिलर्स पर असर पड़ता है। फिलहाल पिलर का कमजोर होना लोगों के चिंता का कारण बना हुआ है। इसलिए लोग स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग कर रहे हैं।
नोएडा की सोसाइटियों में कमजोर पिलर्स का खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बीते दिनों आई आंधी और बारिश में सेक्टर-151 की जेपी अमन सोसाइटी के मामले ने खूबू तूल पकड़ा था। सोसाइटी के फ्लैट की खिड़की-दरवाजा आंधी में उखड़ कर बाहर आ गए थे। सोसाइटी के एओए अध्यक्ष योगेश सिंह ने बताया कि सोसाइटी के बेसमेंट में एक्सपेंशन ज्वाइंट की समस्या होने की वजह से लगातार पानी का रिसाव होता रहता है। यह समस्या करीब चार साल से बनी हुई है। इससे बेसमेंट के पिलर कमजोर हो रहे हैं ऐसे में हमने स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग की है। अब तक स्ट्रक्चल ऑडिट को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
दैनिक हिंदुस्तान के खबर के मुताबिक सेक्टर-143 स्थित गुलशन इकेबाना सोसाइटी के एक निवासी ने बताया कि फ्लैट के अंदर बनी नालियों के पानी का सही निकास नहीं हुआ है, जिससे बेसमेंट में हमेशा पानी भरा रहता है। यहां पर कुछ पाइपों में लीकेज भी है और एक्सपेंशन जॉइंट से रिस कर पानी बेसमेंट में आता है। पिछले ढाई साल से यह समस्या बनी हुई है, इसका असर पिलर पर भी पड़ रहा है।
सेक्टर 78 के सिक्का कार्मिक ग्रीन सोसाइटी में भी कुछ ऐसा ही हाल है, वहां के निवासी बताते हैं कि पिछले कई सालों से बेसमेंट की हालत ठीक नहीं है। यहां भी निवासी स्ट्रकचरल ऑडिट की मांग कर रहे हैं।
पिछले दिनों एक सोसाइटी में स्ट्रक्चरल ऑडिट हुआ भी था, जिसमें नतीजे संतोष के लायक नहीं आए। सेक्टर 119 की गौर ग्रैंड्योर सोसाइटी के लोगों ने एक प्राइवेट कंपनी के सहयोग से स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाया था, जिसमें 50 फीसदी पिलर कमजोर पाए गए। वे अपनी भार सहन करने की 50 फीसदी क्षमता खो चुके थे। हालांकि, बाद में मरम्मत करवाई गई थी।
शहर की कई बड़ी-बड़ी सोसाइटियों में एक्सपेंशन ज्वाइंट की समस्या होने की वजह से बेसमेंट में पानी रिसता है। बारिश, सिंचाई का पानी या कई बार नालियों की खराब निकासी की व्यवस्था से भी पानी रिसकर बेसमेंट में आता है। ये कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन इसका खराब असर बिल्डिंग के पूरे स्ट्रक्चर पर पड़ता है। पिलर कमजोर हो जाती हैं और किसी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
