Noida: नोएडा के फिल्म सीटी का जाम खत्म करने के चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना का काम अब एक कदम और आगे बढ़ गया है। इस एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए जिस एजेंसी को काम सौंपा गया था। वह अगले 5 महीने में इसका काम शुरू करने जा रही है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद एलिवेटेड रोड को बनने में करीब 36 महीने का समय लगेगा। यह एलिवेटेड रोड गंदे नाले के पास सेक्टर 15A की तरफ से होकर गुजरेगा। इस एलिवेटेड रोड के बन जाने के बाद दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तरफ से आकर बिना रुके नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे होते हुए लोग अपनी अपना सफर तय कर सकेंगे। एलिवेटेड रोड को बनाने के लिए एमजी कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (MG Contractors Pvt. Ltd.) एजेंसी का चयन किया गया है।
प्रतिकात्मक तस्वीर
एमजी कॉन्ट्रैक्टर्स और सेतु निगम करेगी निर्माण
वहीं इसकी टेंडर प्रक्रिया उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड ने की थी। इसमें 5 कंपनियां शामिल थी। अधिकारियों ने बताया कि अब निर्माण को लेकर एमजी कॉन्ट्रैक्टर्स और सेतु निगम के बीच अनुबंध होगा। अनुबंध के बाद एजेंसी इसकी ड्रॉइंग सेतु निगम को देगी। इस प्रक्रिया में लगभग 3 महीने का समय लग जाएगा।
नवंबर-दिसंबर तक शुरू होगा काम
ऐसे में इस साल नवंबर-दिसंबर तक इस रोड का काम शुरू होने की उम्मीद है। यह एलिवेटेड रोड दिल्ली के चिल्ला रेगुलेटर से लेकर नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक बनाया जाएगा। जिसके बाद चिल्ला रेगुलेटर से मयूर विहार फ्लाईओवर को भी एलिवेटेड रोड से जोड़ा जाएगा। इस रोड के न जाने के बाद नोएडा के महामाया फ्लाईओवर के पास उतरकर लोग सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और कालिंदी कुंज की ओर जा सकेंगे.
चिल्ला एलिवेटेड रोड की खासियत
इसके साथ ही यहां महामाया फ्लाईओवर पर वाहनों के चढ़ने-उतरने के लिए रोटरी बनाई जाएगी। एलिवेटेड रोड पर चढ़ने-उतरने के लिए छह जगह लूप बनाए जाएंगे। सेक्टर-14 उद्योग मार्ग की ओर उतरने के लिए लूप और सेक्टर-15A के पास से चढ़ने के लिए एक लूप बनाया जाएगा। डीएनडी की तरफ से आने वाले एमपी वन रास्ते पर सेक्टर-16 की तरफ उतरने और सेक्टर-16A फिल्म सिटी की तरफ चढ़ने के लिए लूप बनेगा। अगला लूप फिल्म सिटी समाप्त होने पर उतरने के लिए बनाया जाएगा। इसी तरह जीआईपी मॉल के थोड़ा आगे जाकर चढ़ने के लिए लूप तैयार किया जाएगा।
ढाई साल से बंद पड़ा है निर्माण
आपको बता दें कि चिल्ला एलिवेटेड रोड का काम 2020 में शुरू किया गया था। इस बीच सेतु निगम ने एलिवेटेड रोड की लागत करीब 1100 करोड़ रुपये तक पहुंचा दी थी। जिसके बाद प्राधिकरण की सीईओ ने इसकी मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। वहीं अनुबंध के तहत 50% राशि शासन से नहीं मिलने के कारण नवंबर 2021 में इसक काम बंद कर दिया गया था। जिसके बाद ढाई साल से इस एलिवेटेड रोड को बनाने का काम बंद पड़ा है।
