Noida: नोएडा सेक्टर 107 में स्थित लोटस 300 परियोजना में फ्लैट की रजिस्ट्री का प्रतीक्षा कर रहे लोगों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। क्योंकि अगले महीने यानी मार्च से करीब 228 खरीदारों के फ्लैट की रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी। बता दें कि लोटस 300 परियोजना में फ्लैट खरीदने वाले लोग पिछले 5 साल से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मार्च से उनकी रजिस्ट्री का कार्य शुरू हो जाएगा। नोएडा प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना के चार टावर के लिए फरवरी के अंत तक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।
नोएडा में रजिस्ट्री का रास्ता खुला
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए हाई कोर्ट ने निर्देश
जानकारी के लिए बता दें कि लोटस 300 परियोजना में 6 टावर बने हुए है। परियोजना पर नोएडा प्राधिकरण का करोड़ों रुपये बकाया है। यही कारण है कि प्राधिकरण द्वारा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जा रहा है। नियम के अनुसार, बिना बकाया दिए और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिले फ्लैट की रजिस्ट्री का काम नहीं किए जा सकते। परियोजना का मामला हाई कोर्ट में है और इसे आगे बढ़ाने के लिए रिसीवर की तरफ से आईआरपी की नियुक्ति पहले से की गई है। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण को बिना बकाया लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए आदेश दिया। इससे पहले ही प्राधिकरण द्वारा परियोजना के 2 टॉवर का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किया जा चुका है लेकिन बकाये पर बात अटकी हुई थी।
अगले महीने तक होगी फ्लैट की रजिस्ट्री
जानकारी के लिए बता दें कि टॉवर 1 और टॉवर 2 में कुल 102 फ्लैट है, जिसमें से 86 फ्लैटों की रजिस्ट्री आने वाले 5 से 6 सप्ताह में हो जाएगी। वहीं टॉवर 3 से 6 का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेने के लिए सोसाइटी की एओ की तरफ से बीते साल नवंबर महीने में करीब 45 लाख 63 हजार 194 रुपये जमा करवाए गए थे। यह राशि फीस के तौर पर जमा करवाई गई थी। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने टॉवर की स्थिति जायजा लिया और कुछ कमियां मिलने पर ऑब्जर्वेशन सर्टिफिकेट जारी किया। बता दें कि इस मामले में फायर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, एसटीपी समेत मिलने वाली अन्य सुविधाओं से संबंधित एनओसी मिल चुकी है। केवल स्ट्रक्चरल ऑडिट के सर्टिफिकेट का इंतजार किया जा रहा है।
स्ट्रक्चरल ऑडिट के बाद जारी होगा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट
नोएडा प्राधिकरण द्वारा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट स्ट्रक्टरचल ऑडिट सर्टिफिकेट जारी होने के बाद दिया जाएगा। उसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस महीने यानी फरवरी के अंत तक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद मार्च में रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने के लिए रास्ता साफ हो जाएगा।
190 करोड़ रुपये का फंड डायवर्ट होने पर ईडी की जांच
मिली जानकारी के अनुसार, लोटस 300 परियोजना पर पैसों के डायवर्सन को लेकर ईडी जांच कर रही है। बीते सालों में हैसिडा को दिए भूखंड, इसके बाद भूखंडों का उपविभाजन, खरीदारों से लिए पैसों का बिल्डरों की तरफ से डायवर्सन जैसे कई बिंदुओं पर ईडी जांच कर रही है। इस परियोजना में करीब 190 करोड रुपये का फंड डायवर्ट होने की बात सामने आई है। यही कारण है परियोजना अधूरी रह गई और प्राधिकरण का बकाया भी नहीं दिया गया है।
