Noida: नोएडा सेक्टर 62 मॉडल टाउन गोलचक्कर से मामूरा तक अक्सर भारी जाम लगा रहता है। यहां जाम की स्थिति सुबह और शाम के समय सबसे ज्यादा रहती है। इस दौरान यहां लगने वाले जाम में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाहन भी फंसे रहते हैं और लोगों को बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सेक्टर 62 गोलचक्कर से मामूरा तक लगने वाले भारी जाम से निजात दिलाने के लिए नोएडा प्राधिकरण तैयारी में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि इस मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था और बेहतर करने के लिए प्राधिकरण द्वारा सड़क चौड़ीकरण की तैयारी की जा रही है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
नोएडा सेक्टर 62 से मामूरा तक जाम से मिलेगी राहत
सेक्टर 62 से मामूरा तक जाम से मिलेगा निजात
प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा बताया जा रहा है कि नोएडा सेक्टर 62 मॉडल टाउन गोलचक्कर से मामूरा तक करीब 2.9 किलोमीटर लंबी सड़क पहले से बनी हुई है। इस सड़क पर सुबह और शाम ऑफिस ऑवर के दौरान भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। बताया जा रहा है कि रोड नंबर 6 पर सेक्टर 62-71 के बीच ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या है। जानकारी के अनुसार, इस मार्ग पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले वाहन भी फंसते हैं। वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण मामूरा में यातायात की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
सड़क की चौड़ाई और अतिक्रमण बना जाम की वजह
एक अधिकारी ने बताया कि सेक्टर 59 के सामने मॉडल टाउन गोलचक्कर की तरफ से आने वाले वाहनों को भी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि इस रास्ते पर जाम की स्थिति सड़क की कम चौड़ाई और अतिक्रमण के कारण बनी रहती है। प्राधिकरण द्वारा इसका निरीक्षण और सर्वे किया गया, जिसके बाद मॉडल मोबिलिटी कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार करवाई गई। बता दें कि प्राधिकरण द्वारा सड़क चौड़ीकरण के साथ सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के संबंधित कार्य भी किए जाएंगे।
छह महीने में करना होगा काम पूरा
प्राधिकरण द्वारा जारी टेंडर में जिस भी एजेंसी का चयन होगा, उसे 6 महीने के भीतर काम पूरा करना होगा। जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत कम दूरी वाले और लंबी दूरी वाले ट्रैफिक को बांटने की कोशिश की जाएगी। लंबी दूरी वाले वाहन मुख्य सड़क से होते हुए आगे बढ़ेंगे, तो वहीं कम दूरी वाले वाहनों को सर्विस रोड से आगे भेजा जाएगा। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा। इस योजना के तहत सेक्टर 62 मॉडल टाउन गोलचक्कर का आकार छोटा किया जाएगा और सार्वजनिक शौचालय को हटाया जाएगा ताकि सड़क किनारे पर ई-रिक्शा और ऑटो स्टैंड बनाया जा सके।
