नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 80 फीसद कम हुई बारिश, फिर भी गड्ढो में है सड़क; प्राधिकरण क्या सो रहा है?

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इस बार भले ही बारिश सामान्य से 80% कम हुई हो, लेकिन सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, धंसी सड़कें और जलभराव आम दृश्य बन गए हैं। मुख्य मार्ग से लेकर आंतरिक सड़कों तक हालात बद से बदतर हैं। प्रशासनिक अनदेखी के बीच, लोगों को हर दिन जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है।

Noida-Greater Noida Road Condition: इन दिनों में पूरे देश में मानसून का दौर जारी है। एक तरफ जहां उत्तर भारत के अन्य इलाकों में बारिश का विकराल रूप देखने को मिल रहा है वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 1 जून से 23 जुलाई तक सामान्य से 80 प्रतिशत कम बारिश हुई। गौतमबुद्ध नगर इस मानसून सीजन सबसे कम बारिश वाले जिलों में दूसरे नबंर पर रहा है। मौसम विभाग के दर्ज आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 23 जुलाई तक जिले में मात्र 34 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य आंकड़े 174 मिलीमीटर से करीब 80 प्रतिशत कम है। हालांकि, गाजियाबाद में स्थिति थोड़ी बेहतर रही, जहां अब तक 78 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है।

Noida and Greater Noida Roads in Disrepair

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सड़कें खस्ताहाल (सांकेतिक फोट: Canva)

लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि सामान्य से 80 प्रतिशत कम बारिश दर्ज किए जाने के बावजूद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगातार हो रही बरसात ने सड़कें बदहाल कर दी हैं। कई जगहों पर सड़कें धंस गई हैं और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। हालत यह है कि राहगीरों को गड्ढों में से सड़कें खोजनी पड़ रही हैं। लगातार भीगने से सड़कों की परतें उखड़ने लगी हैं। बुधवार को महज दो घंटे की तेज बारिश ने हालात और भी खराब कर दिए। मुख्य मार्गों से लेकर कॉलोनियों की सड़कों तक गड्ढों और जलभराव की समस्या आम हो गई है, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। इन हालातों के बावजूद भी प्राधिकरण ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध रखी है।

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