Noida Hospital OPDs: बदलते मौसम के बीच नोएडा के अस्पतालों में मरीजों की संख्या में तेज वृद्धि देखी जा रही है। हाल के दिनों में रोजाना करीब 700 मरीज सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। लोग बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचे हैं। करीब दो सप्ताह पहले अस्पतालों के ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन 200 के आस-पास थी लेकिन इस संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ओपीडी में खुद को दिखाने वाले मरीजों की संख्या में करीब 250 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
नोएडा में संक्रमण से बीमार हो रहे लोग।
मलेरिया के मामले बढ़े
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस साल मलेरिया के मामल बढ़े हैं। जनवरी से जुलाई तक मलेरिया के 34 केस सामने आ चुके हैं। खास बात यह है कि इनमें से 28 से ज्यादा केस केवल जुलाई में मिले। इसी दौरान कम से कम 10 लोग डेंगू से ग्रसित हुए। गाजियाबाद में 20 अगस्त तक मलेरिया के 21 के मामले और डेंगू के 19 केस मिले।
एहतियात बरतें लोग-डॉक्टर
रिपोर्ट के मुताबिक ओपीडी में मरीजों को देखने वाले डॉक्टर प्रदीप शैलट ने बताया कि अधिक बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। बीते दो सप्ताह में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले रोजाना ओपीडी में करीब 200 मरीज आते थे लेकिन अब यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन करीब 700 हो गई है। डॉक्टर का कहना है कि इन सबके पीछे संक्रमण और जलजनित बीमारियां हैं। इसलिए सभी के लिए जरूरी है कि वे एहतियाती कदम उठाएं।
निजी अस्पतालों में कमोबेश यही स्थिति
खास बात यह है कि सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में कमोबेश यही स्थिति है। वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन के डाइरेक्टर डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि मेडिसिन विभाग में वे रोजाना 100 से ज्यादा मरीजों को देखते हैं और इनमें से करीब 60 फीसद लोग ऐसे हैं जो संक्रमण की वजह से बीमार हुए। डॉक्टर ने बताया कि मानसून सीजन के दौरान लोगों को डायरिया, उल्टी, बुखार, खांसी-सर्दी की शिकायत है। इसकी एक मुक्य वजह श्वास में संक्रमण होना है।
