Noida News: बिल्डर द्वारा जीएसटी की चोरी और बकाया न जमा करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गौतमबुद्ध नगर और ग्रेटर नोएडा वेस्ट से सामने आया है। यहां एक बिल्डर ने जीएसटी में चोरी की है तो वहीं दूसरे बिल्डर ने करोड़ो का बकाया ही जमा नहीं किया। गौतमबुद्ध नगर के बिल्डर द्वारा जीसीएटी में चोरी की जानकारी मिलते ही जीएसटी टीम ने छापेमारी की। वहीं दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जिला प्रशासन ने बकाया जमा नहीं करने वाले बिल्डर के ऑफिस को सील किया और उसके खिलाफ गिरफ्तारी की वारंट जारी किया। आइए आपको इन दोनों मामलों के बारे में बताएं...
नोएडा में एक बिल्डर ने GST में चोरी की तो दूसरे ने बकाया ही जमा नहीं कराया
जीएसटी चोरी के मामले में पकड़ा गया बिल्डर
बिल्डर द्वारा फर्जी कंपनियों के साथ लेन-देन दिखाकर जीएसटी चोरी के मामले में अपर आयुक्त राज्यकर गौतमबुद्ध नगर जोन नोएडा चांदनी सिंह ने बताया कि इस बिल्डर ने अलग-अलग दिन और तारीख को अपने ही प्रोजेक्ट के अलग-अलग टावरों के लिए अधिभोग प्रमाण पत्र (Occupancy Certificate) प्राप्त किए थे। उन्होंने बताया कि बिल्डर द्वारा तैयार फ्लैट्स की बिक्री की जा रही थी। लेकिन इस बीच फ्लैट बनाने के लिए प्रयोग में आई निर्माण सामग्री के इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस नहीं किए जा रहे थे। जांच में पता लगा कि बिल्डर ने फर्जी कंपनियों से लेनदेन दिखाकर जीएसटी चोरी की है। जानकारी के अनुसार 39.09 की खरीद फर्जी कंपनियों से दिखाते हुए 3.78 लाख रुपये की आईटीसी चोरी की। इसके साथ ही 110 फ्लैट के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की आईटीसी भी मान्य नहीं है। छापेमारी के दौरान हुई जांच में जीएसटी चोरी के बारे में मालूम होने के बाद बिल्डर से 93.83 लाख रुपये का जमा करवाए गए।
बिल्डर का ऑफिस सील
नोएडा के साथ ग्रेटर नोएडा वेस्ट से भी एक मामला सामने आया है। यहां एक बिल्डर का सेल्स ऑफिस सील किया गया है। जिला प्रशासन ने जानकारी देते हुए बताया कि बिल्डर ने रेरा के बकाया का पैसा नहीं दिया और दूसरे स्थान पर अपना ऑफिस खोल लिया। इससे पहले दो बार बिल्डर का ऑफिस सील किया जा चुका है। बता दें कि सुपर सिटी डेवलपर्स पर यूपी रेरा की आरसी का 5 करोड़ रुपये बकाया है। जानकारी के लिए बता दें कि बकाया न देने पर दो बार पहले भी ऑफिस को सील किया जा चुका है। बकाया देने की बजाए उसने दूसर स्थान पर किराय पर ऑफिस खोला, जिसकी सूचना मिलेती ही उसे भी सील कर दिया गया और बिल्डर के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है।
