Noida Metro Expansion: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों लोगों के लिए अच्छी खबर है। एक्वा लाइन मेट्रो के विस्तार और नई लिंक लाइन परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने बुधवार को इन परियोजनाओं के लिए 2254.35 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। पहली परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक 2.6 किलोमीटर मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। वहीं दूसरी परियोजना सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबी लिंक लाइन की है।
एनएमआरसी के मुताबिक निर्माण कंपनी का चयन भी अगले 30 दिनों में निर्माण कर लिया जाएगा। जिसके बाद अगस्त 2026 तक दोनों प्रोजेक्ट पर सिविल कार्य शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से लगभग 2 लाख यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बॉटेनिकल गार्डन तक बनेगी नई लिंक लाइन
नए लिंक लाइन प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर कुल 8 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें सेक्टर-44, सेक्टर-96, सेक्टर-97, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज स्टेशन शामिल हैं। इस लाइन के बनने से बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन एक बड़े इंटरचेंज हब में बदल जाएगा।
इस नई लाइन के शुरू से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को दिल्ली मेट्रो की ब्लू और मैजेंटा लाइन से सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। जिससे लोगों को आईजीआई एयरपोर्ट, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार जैसे प्रमुख स्थानों तक जाने में आसानी होगी।
बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी मेट्रो
ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक 2.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन पर दो स्टेशनों का निर्माण होगा। जिनमें जूनापत और बोड़ाकी मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इस परियोजना से रेलवे और मेट्रो के बीच की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। जिससे रोजाना हजारों यात्रियों को फायदा होगा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सफर होगा आसान
फिलहाल एक्वा लाइन पर रोजाना लगभग 80 हजार यात्री सफर करते हैं। एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश के अनुसार नई परियोजनाओं के पूरा होने से इस रूट पर लगभग 2 लाख यात्रियों के सफर करने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बॉटेनिकल गार्डन लिंक लाइन परियोजना को 4 सालों में और बोड़ाकी विस्तार परियोजना को करीब 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं से नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सफर आसान होगा, साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।
